ट्रैफिक पुलिस का बड़ा अभियान: छह महीने में 48 लाख से ज्यादा चालान, आठ सड़कें बनीं सिग्नल-फ्री

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नई दिल्ली, 10 जुलाई (हि.स.)। राजधानी में ट्रैफिक व्यवस्था को सुरक्षित, स्मार्ट और सुगम बनाने के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने इस वर्ष कई बड़े कदम उठाए हैं। सड़कों पर जाम कम करने से लेकर सिग्नल-फ्री कॉरिडोर विकसित करने, आधुनिक तकनीक के जरिए चालान करने, सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाने और आम लोगों की भागीदारी बढ़ाने तक कई मोर्चों पर काम किया गया है।

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस का दावा है कि इन प्रयासों से राजधानी में यातायात व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है।

छह महीने में 48.42 लाख चालान, 17 लाख से ज्यादा ई-चालान

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, वर्ष 2026 में अब तक विभिन्न यातायात नियमों के उल्लंघन पर 48,42,953 चालान जारी किए गए हैं। पिछले वर्ष इसी अवधि में यह संख्या 47,52,173 थी। इसके अलावा रेड लाइट वायलेशन डिटेक्शन और ओवर स्पीड वायलेशन डिटेक्शन जैसी तकनीक आधारित प्रणालियों के माध्यम से 17,21,221 ई-चालान जारी किए गए। खतरनाक तरीके से वाहन चलाने के मामलों में 2,187 एफआईआर भी दर्ज की गई हैं।

आठ प्रमुख सड़कें बनीं सिग्नल-फ्री

यात्रा का समय कम करने और जाम से राहत दिलाने के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने राजधानी में आठ प्रमुख मार्गों को सिग्नल-फ्री बनाने में अहम भूमिका निभाई। इनमें छह कॉरिडोर उत्तरी रेंज और दो पूर्वी रेंज में विकसित किए गए हैं।

इन मार्गों पर अनावश्यक ट्रैफिक सिग्नल हटाए गए, यू-टर्न की व्यवस्था की गई, अवैध मीडियन कट बंद किए गए और चौराहों का पुनर्गठन किया गया। इससे ट्रैफिक का प्रवाह बेहतर हुआ और लोगों की यात्रा अधिक सुगम बनी। एनएसपी से रिठाला मेट्रो स्टेशन और विकास मार्ग (लक्ष्मी नगर से कड़कड़ी मोड़) जैसे मार्गों पर इसका सकारात्मक असर साफ दिखाई देने लगा है।

कई बड़े जाम वाले इलाकों में मिला समाधान

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने पीडब्ल्यूडी, एमसीडी, एनएचएआई, डीएमआरसी और डीटीसी जैसी एजेंसियों के साथ मिलकर शहर के कई संवेदनशील ट्रैफिक प्वाइंट पर सुधार कार्य कराए।

आईएसबीटी कश्मीरी गेट पर पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित ढांचा और अतिरिक्त बस बे बनाए गए। मजनू का टीला में फुट ओवरब्रिज बदला गया। खजूरी फ्लाईओवर से डीटीसी बसों का डायवर्जन किया गया। अधचिनी गांव और आश्रम चौक पर बस स्टैंड स्थानांतरित किए गए। आईएसबीटी आनंद विहार में पिक-अप और ड्रॉप ज़ोन तथा अतिरिक्त बस पार्किंग की व्यवस्था की गई। वहीं कालिंदी कुंज पर फ्लाईओवर निर्माण का प्रस्ताव भी तैयार किया गया है। इन कदमों से कई स्थानों पर ट्रैफिक दबाव कम हुआ है।

प्रोजेक्ट संगम से आम लोग बने ट्रैफिक व्यवस्था के भागीदार

उल्लेखनीय है कि तीनअप्रैल को उपराज्यपाल के मार्गदर्शन में शुरू किए गए प्रोजेक्ट संगम के तहत दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने आरडब्ल्यूए और मार्केट वेलफेयर एसोसिएशनों के साथ मिलकर स्थानीय ट्रैफिक समस्याओं का समाधान शुरू किया।

ट्रैफिक पुलिस अधिकारी के अनुसार

अब तक 309 बैठकें आयोजित की गईं, जिनमें 514 सुझाव प्राप्त हुए। इनमें से 368 सुझावों पर कार्रवाई की जा चुकी है, जबकि 146 सुझाव संबंधित विभागों को भेजे गए हैं।

इस परियोजना के तहत द्वारका के एलिफेंट चौक-यूईआर-2 जंक्शन पर सड़क डिज़ाइन में बदलाव, वेस्ट पटेल नगर में ई-रिक्शा स्टैंड का स्थान परिवर्तन तथा आजादपुर के पास जीटीके रोड पर नए टी-पॉइंट के निर्माण से ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार हुआ है।

ढाई लाख से ज्यादा छात्रों को सड़क सुरक्षा का पाठ

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की रोड सेफ्टी सेल ने वर्ष की पहली छमाही में बड़े पैमाने पर जनजागरूकता अभियान चलाया। 1 जनवरी से 30 जून 2026 के बीच 2.84 लाख से अधिक स्कूली छात्रों को सड़क सुरक्षा की जानकारी दी गई।

इसके अलावा 15.44 लाख से अधिक नागरिकों तक जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से पहुंच बनाई गई। 12 हजार से अधिक ऑटो, टैक्सी और ई-रिक्शा चालकों, 11 हजार से ज्यादा डीटीसी ड्राइवर और कंडक्टर, 5,300 से अधिक कॉर्पोरेट कर्मचारियों, आरडब्ल्यूए सदस्यों, एनसीसी कैडेट्स और व्यावसायिक वाहन चालकों को भी सड़क सुरक्षा का प्रशिक्षण दिया गया।

इस दौरान हेलमेट पहनने, लेन अनुशासन, नशे में वाहन न चलाने, पैदल यात्रियों की सुरक्षा, मिशन जीरो डेथ ऑन रोड, रेड लाइट ऑन, गाड़ी ऑफ और नो हॉर्निंग जैसे अभियानों को भी विशेष रूप से चलाया गया।

मानसून में जलभराव से निपटने की विशेष तैयारी

बरसात के मौसम में ट्रैफिक प्रभावित न हो, इसके लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने वर्ष 2025 में जलभराव वाले 169 स्थानों की सूची संबंधित एजेंसियों—एनएचएआई, पीडब्ल्यूडी, एमसीडी, एनडीएमसी और डीडीए—को पहले ही उपलब्ध करा दी थी। हाल ही में हुई भारी बारिश के दौरान आयरन ब्रिज-वजीराबाद, गाजीपुर, आनंद पर्वत, लिबासपुर अंडरपास, जीटीके रोड और पांडव नगर अंडरपास जैसे संवेदनशील इलाकों से पानी तेजी से निकालकर यातायात सामान्य कराया गया।

इसके लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने छह डिजास्टर मैनेजमेंट वाहन भी तैनात किए हैं, जिनमें मोटर पंप और पेड़ काटने की मशीनें लगी हैं, ताकि आपात स्थिति में तुरंत राहत कार्य किया जा सके।

ड्यूटी निभाते हुए एक जवान ने दी शहादत

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने बताया कि 1 जनवरी से 30 जून 2026 के दौरान ड्यूटी के दौरान 14 ट्रैफिक पुलिसकर्मी घायल हुए, जबकि एक पुलिसकर्मी ने कर्तव्य निभाते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि इंजीनियरिंग सुधार, आधुनिक तकनीक, कड़े प्रवर्तन, जनजागरूकता और नागरिकों की भागीदारी के जरिए राजधानी में सुरक्षित, व्यवस्थित और जाम-मुक्त यातायात व्यवस्था विकसित करने का अभियान आगे भी जारी रहेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / कुमार अश्वनी

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