दिल्ली में कल एसआईआर, 29 जुलाई तक घर-घर जाकर गणना प्रपत्र वितरित करेंगे बीएलओ
नई दिल्ली, 29 जून (हि.स.)। दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया 30 जून से शुरू होगी। अब 30 जून से 29 जुलाई तक बूथ स्तर अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर गणना प्रपत्र वितरित करेंगे और भरे हुए प्रपत्र एकत्र करेंगे।
एआईआर के बारे में सोमवार को मुख्य निर्वाचन अधिकारी अशोक कुमार ने कहा कि इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रहे और कोई अपात्र व्यक्ति सूची में शामिल न हो।
दिल्ली में प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन 5 अगस्त को होगा। इससे संबंधित दावे और आपत्तियां 5 अगस्त से 4 सितंबर तक स्वीकार की जाएंगी। इनका निस्तारण 3 अक्टूबर तक किया जाएगा और अंतिम मतदाता सूची 7 अक्टूबर को प्रकाशित होगी।
चुनाव आयोग ने 14 मई को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण का कार्यक्रम घोषित किया था। इसके तहत तैयारियों, प्रशिक्षण और प्रपत्रों की छपाई का कार्य 20 से 29 जून तक पूरा किया गया है। अब 30 जून से 29 जुलाई तक बूथ स्तर अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर गणना प्रपत्र वितरित करेंगे और भरे हुए प्रपत्र एकत्र करेंगे।
अशोक कुमार ने बताया कि दिल्ली में वर्तमान में कुल 1,45,10,298 पंजीकृत मतदाता हैं। इनमें 77,11,132 पुरुष, 67, 98, 142 महिलाएं और 1,024 तृतीय लिंग मतदाता शामिल हैं। राजधानी में 13,033 मतदान केंद्र तथा मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के 32,429 बीएलए-2 नियुक्त हैं।
उन्होंने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान प्रत्येक मौजूदा मतदाता को बीएलओ द्वारा दो प्रतियों में गणना प्रपत्र उपलब्ध कराया जाएगा। मतदाताओं को प्रपत्र में वर्ष 2002 में हुए अंतिम विशेष गहन पुनरीक्षण से संबंधित जानकारी भरकर एक प्रति बीएलओ को देनी होगी तथा उसकी रसीद प्राप्त करनी होगी। यदि किसी घर पर ताला मिला तो बीएलओ प्रपत्र वहीं छोड़ेंगे और उसे प्राप्त करने के लिए कम से कम तीन बार पुनः जाएंगे।
वहीं वर्ष 2002 के बाद दिल्ली में आकर बसे नागरिकों को अपने मूल राज्य में अंतिम विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान मतदाता के रूप में पंजीकरण का विवरण देना होगा। यदि किसी व्यक्ति का नाम वर्ष 2002, 2003, 2004 या 2005 की मतदाता सूची में नहीं है, लेकिन उसके माता-पिता या दादा-दादी का नाम दर्ज है, तो उन्हें उनके विवरण प्रपत्र में भरने होंगे। निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि गणना प्रपत्र के साथ किसी भी प्रकार का दस्तावेज संलग्न करने की आवश्यकता नहीं होगी।
मतदाताओं की सुविधा के लिए वर्ष 2002 की मतदाता सूची तथा नाम, ईपीआईसी संख्या और मतदान केंद्र के आधार पर खोज की सुविधा मुख्य निर्वाचन अधिकारी, दिल्ली की वेबसाइट पर उपलब्ध कराई गई है। इसके अलावा मतदाता ऑनलाइन भी गणना प्रपत्र भर सकते हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / अनूप शर्मा

