शाहदरा पुलिस की ‘डीपी-दृष्टि’ से अपराधियों पर नकेल

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शाहदरा पुलिस की ‘डीपी-दृष्टि’ से अपराधियों पर नकेल


नई दिल्ली, 23 फ़रवरी (हि.स.)। राजधानी में अपराध पर लगाम कसने के लिए दिल्ली पुलिस के शाहदरा जिले ने हाईटेक पहल की शुरुआत की है। सोमवार को जिले में ‘डीपी-दृष्टि’ नामक फेस रिकॉग्निशन सिस्टम (एफआरएस) से लैस अत्याधुनिक मोबाइल वाहन को लॉन्च किया गया।

इस हाईटेक वाहन को शाहदरा जिला पुलिस की ओर से पुलिस उपायुक्त प्रशांत गौतम ने गांधी नगर मार्केट क्षेत्र में हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह पहल भीड़भाड़ वाले बाजारों और संवेदनशील इलाकों में अपराधियों की पहचान कर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।

भीड़ में छिपे अपराधी नहीं बच पाएंगे

‘डीपी-दृष्टि’ एक मोबाइल इंटेलिजेंस यूनिट है, जिसमें अत्याधुनिक फेस रिकॉग्निशन सिस्टम और हाई-रिजॉल्यूशन सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। यह वाहन बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर घूमते हुए लोगों के चेहरों को रियल टाइम में स्कैन करेगा और उन्हें पुलिस के डाटाबेस में दर्ज अपराधियों से मिलान करेगा। यदि किसी संदिग्ध या पहले से अपराध में लिप्त व्यक्ति का चेहरा मैच होता है, तो सिस्टम तुरंत अलर्ट जारी करेगा। इससे मौके पर मौजूद पुलिस टीम तत्काल कार्रवाई कर सकेगी। अधिकारियों के मुताबिक, यह सिस्टम प्रति मिनट बड़ी संख्या में चेहरों को स्कैन करने में सक्षम है। पुलिस के अनुसार, यह वाहन विशेष रूप से गांधी नगर, कृष्णा नगर, शाहदरा और मंडोली रोड जैसे घनी आबादी और भीड़भाड़ वाले बाजारों के लिए तैयार किया गया है। उन्नत तकनीक की मदद से यह सिस्टम भीड़ में भी अलग-अलग चेहरों को पहचान सकता है, जिससे अपराधियों के लिए भीड़ में छिपना मुश्किल होगा।

तकनीकी टीम की अहम भूमिका

इस परियोजना को जमीन पर उतारने में जिले की समर्पित तकनीकी निगरानी टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। टीम में एएसआई दीपक कुमार, हेड कांस्टेबल गगन दीप, हेड कांस्टेबल जितेंद्र और हेड कांस्टेबल अभय शामिल हैं।

मुख्य विशेषताएं

रियल टाइम फेस डिटेक्शन और मिलान, किसी भी अपराध प्रभावित क्षेत्र में तैनात किया जा सकने वाला मोबाइल वाहन, जांच और साक्ष्य के लिए उच्च गुणवत्ता की तस्वीरें, एडवांस डायनामिक ह्यूमन ट्रैकिंग, जरूरत के अनुसार विभिन्न हॉटस्पॉट पर त्वरित तैनाती और कानूनी दस्तावेजीकरण व फोरेंसिक पहचान के लिए ऑटोमेटेड इमेज कैप्चर शामिल है।

पुलिस उपायुक्त प्रशांत गौतम ने कहा कि आधुनिक तकनीक को सीधे सड़कों पर उतारकर पुलिस ‘जीरो ब्लाइंड स्पॉट’ वातावरण बनाने की दिशा में काम कर रही है। अब यदि कोई चिन्हित अपराधी बाजारों में घूमता है, तो पुलिस को तत्काल जानकारी मिल जाएगी। शाहदरा जिला पुलिस का कहना है कि भविष्य में ऐसे और तकनीकी नवाचारों के जरिए राजधानी में कानून-व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / कुमार अश्वनी

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