(लीड) दिल्ली को मेडिकल हब बनाने के लिए सरकारी-निजी भागीदारी जरूरी : रेखा गुप्ता
नई दिल्ली, 03 नवंबर (हि.स.)। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा राजधानी में स्वास्थ्य सेवाओं का अभूतपूर्व विस्तार, मेडिकल सीटों में वृद्धि, नए डॉक्टरों-नर्सों की नियुक्ति और डिजिटल हेल्थकेयर को बढ़ावा मिलेगा है। उन्होंने कहा कि राजधानी को बेहतर मेडिकल हब बनाने के लिए सरकारी और निजी क्षेत्र की भागीदारी आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने यह बातें मंगलवार को संत परमानंद अस्पताल में नवनिर्मित आईवीएफ (इन विट्रो फर्टिलाइजेशन) सेंटर के उद्घाटन पर कही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार हर नागरिक को बेहतर और किफायती स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है। आयुष्मान भारत योजना के तहत केंद्र के पांच लाख रुपये के कवर में दिल्ली सरकार ने पांच लाख रुपये की अतिरिक्त राशि जोड़कर दस लाख रुपये तक का वार्षिक स्वास्थ्य सुरक्षा कवच दिया है। अब तक 8.94 लाख से अधिक आयुष्मान कार्ड स्वीकृत हुए हैं। उन्होंने कहा कि 70 वर्ष से अधिक आयु के 3.09 लाख से ज्यादा वरिष्ठ नागरिक आयुष्मान वय वंदना से जुड़े हैं। वहीं, विधवा और दिव्यांग पेंशन के 5.28 लाख से अधिक लाभार्थियों और उनके परिवारों को भी योजना में शामिल किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं से लेकर बड़े अस्पतालों तक सुविधाओं का विस्तार कर रही है। दिल्ली में 415 आयुष्मान आरोग्य मंदिर और 29 जन औषधि केंद्र शुरू किए गए हैं। अस्पतालों के विस्तार के लिए 503.49 करोड़ रुपये की पांच परियोजनाएं शुरू की गई हैं। जीबी पंत अस्पताल में आधुनिक चिकित्सा उपकरण और न्यूरो आईसीयू जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं, जबकि 16 सरकारी अस्पतालों में 300 डायलिसिस मशीनें उपलब्ध कराई गई हैं। उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस सीटें 595 से बढ़ाकर 820 और पीजी सीटें 553 से बढ़ाकर 762 की जा रही हैं। द्वारका स्थित इंदिरा गांधी अस्पताल में 805.99 करोड़ रुपये की लागत से मेडिकल कॉलेज विकसित किया जा रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 1,200 से अधिक नर्सों और 954 सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों की नियुक्ति की गई है तथा 4,000 से अधिक नए पद स्वीकृत किए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल और निवारक स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूत किया जा रहा है। दिल्ली में एक करोड़ से अधिक आभा आईडी बनाई गई हैं और 38 सरकारी अस्पतालों में डिजिटल हेल्थ मैनेजमेंट सिस्टम लागू किया गया है। नवजात शिशुओं की 56 तरह की मुफ्त जांच, 10,000 मुफ्त कैंसर स्क्रीनिंग और 9 से 14 वर्ष की लड़कियों के लिए मुफ्त एचपीवी टीकाकरण की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। सरकार आगे भी स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और आधुनिकीकरण के लिए निरंतर काम करती रहेगी।
संत परमानंद अस्पताल में विकसित इस आईवीएफ सेंटर में आधुनिक प्रजनन चिकित्सा सुविधाओं के साथ आईवीएफ और आईसीएसआई (इंट्रासाइटोप्लाज्मिक स्पर्म इंजेक्शन) जैसी उन्नत तकनीकों से उपचार की व्यवस्था की गई है। सेंटर में विशेषज्ञ फर्टिलिटी चिकित्सकों और एम्ब्रायोलॉजिस्ट की टीम उपलब्ध होगी, जो मरीजों की जांच, उपचार और परामर्श में सहयोग करेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव

