दिल्ली बनेगी देश का ग्रोथ इंजन, 2047 तक पेश करेगी विकास का रोल मॉडल: मुख्यमंत्री
नई दिल्ली, 15 अगस्त (हि.स.)। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शनिवार को छत्रसाल स्टेडियम में दिल्लीवासियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली को देश का ग्रोथ इंजन बनाने की दिशा में सरकार तेजी से काम कर रही है। ऐसी दिल्ली का निर्माण किया जाएगा, जहां हर व्यक्ति को सपने देखने की आजादी के साथ उन्हें पूरा करने के अवसर भी मिलें। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2047 में देश की आजादी के 100 वर्ष पूरे होने तक दिल्ली विकास का ऐसा मॉडल पेश करेगी, जिसे दूसरे राज्य भी अपनाना चाहेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली केवल देश की राजधानी नहीं, बल्कि भारत की लोकतांत्रिक चेतना, सांस्कृतिक विविधता और आर्थिक ऊर्जा का प्रतिनिधित्व करती है। इसलिए दिल्ली का विकास पूरे देश की प्रतिष्ठा से जुड़ा है। केंद्र और दिल्ली में समान विजन वाली सरकार होने से राजधानी के विकास को नई गति मिली है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली में भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर बुनियादी ढांचा विकसित किया जा रहा है। राजधानी में 4,500 से अधिक इलेक्ट्रिक बसें तैनात हो चुकी हैं और इनकी संख्या बढ़ाकर 12 हजार करने का लक्ष्य है। वहीं 9 हजार ईवी चार्जिंग प्वाइंट लगाए जा चुके हैं, जिन्हें बढ़ाकर 32 हजार किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि मेट्रो के तीन नए स्वीकृत कॉरिडोर से नेटवर्क में करीब 47 किलोमीटर का विस्तार होगा। सरकार का लक्ष्य दिल्ली को आधुनिक, बेहतर कनेक्टिविटी वाली और पर्यावरण के अनुकूल राजधानी बनाना है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली की महिलाओं और बेटियों के लिए कई योजनाएं शुरू की गई हैं। अब तक 18 लाख से अधिक पिंक कार्ड जारी किए जा चुके हैं। जल्द ही ‘दुर्गा योजना’ शुरू की जाएगी, जिसके तहत 1,100 महिलाओं और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को इलेक्ट्रिक ऑटो-रिक्शा परमिट दिए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि ‘दिल्ली लक्ष्मी योजना’ के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये की आर्थिक सहायता देने के लिए पंजीकरण शुरू हो चुका है। मुख्यमंत्री के अनुसार पहले दो सप्ताह में 7.25 लाख से अधिक पंजीकरण हुए हैं। ‘लखपति बिटिया योजना’ के तहत शिक्षा पूरी करने के बाद पात्र बेटियों को एक लाख रुपये की राशि मिलने की व्यवस्था की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य पहले पांच वर्षों में दिल्ली के हर तरह के कूड़े की समस्या का समाधान करना है। उन्होंने बताया कि 70 लाख पेड़-पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें से 63 लाख से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं। कूड़े के पहाड़ों के निस्तारण से 75 एकड़ जमीन वापस हासिल की गई है।
यमुना की सफाई को सरकार की शीर्ष प्राथमिकता बताते हुए उन्होंने कहा कि 37 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट काम कर रहे हैं और इनमें से 28 को अपग्रेड किया जा चुका है। 27 नए ड्रेनेज सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट पर काम शुरू हो चुका है। उन्होंने घोघा डेयरी में पहला बायोगैस संयंत्र शुरू किए जाने की जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली में पहली बार आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना लागू की गई है। इसके दायरे में 8.9 लाख लाभार्थी हैं। 417 आयुष्मान जन आरोग्य मंदिर शुरू किए गए हैं, जहां 80 प्रकार की जांच और मुफ्त दवाएं उपलब्ध हैं। पांच नए अस्पताल ब्लॉक पूरे किए गए हैं तथा 38 सरकारी अस्पतालों में हॉस्पिटल इन्फॉर्मेशन मैनेजमेंट सिस्टम लागू किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में पिछले एक साल में 10 नए स्कूल शुरू किए गए हैं, जिससे करीब 9 हजार अतिरिक्त सीटें उपलब्ध हुई हैं। 75 स्कूलों को सीएम श्री स्कूल के रूप में विकसित किया गया है। सरकारी स्कूलों में 4 हजार स्मार्ट क्लासरूम और 9 हजार से अधिक स्मार्ट बोर्ड लगाए जा चुके हैं। 1,200 से अधिक आधुनिक कंप्यूटर लैब स्थापित की गई हैं और 6 हजार से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति का भी दावा किया गया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी

