संत कबीरदास के नाम पर प्रतियोगिताएं एवं पुरस्कार शुरू करेगी सरकार : रेखा गुप्ता
नई दिल्ली, 28 जून (हि.स.)। संत कबीर दास के प्रकटोत्सव के अवसर पर दिल्ली सरकार के समाज कल्याण, अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा राज्य स्तरीय समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि दिल्ली सरकार संत कबीरदास के नाम पर प्रतियोगिताएं एवं पुरस्कार प्रारंभ करेगी, जिससे उनके विचारों, दोहों और मानवता के संदेश को विशेष रूप से युवाओं तक पहुंचाया जा सके तथा सामाजिक समरसता, राष्ट्रीय एकता और मानवीय मूल्यों को और अधिक सशक्त बनाया जा सके।
इस अवसर पर भारत सरकार में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय में केंद्रीय राज्य मंत्री बीएल वर्मा, दिल्ली के समाज कल्याण मंत्री रविंद्र इंद्राज सिंह, विधायक नीलम पहलवान सहित जनप्रतिनिधि, संत समाज, विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि, विद्वान, वरिष्ठ अधिकारी तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली भारत की विविधता, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है, जहां प्रत्येक व्यक्ति को समान अवसर और सम्मान मिलता है। उन्होंने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र को आत्मसात करते हुए दिल्ली सरकार बिना किसी भेदभाव के समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिए कार्य कर रही है तथा जनसेवा को ही अपना सर्वोच्च दायित्व मानती है।
संत कबीर दास के प्रकटोत्सव के अवसर पर मुख्यमंत्री ने उनके जीवन और विचारों को सामाजिक समरसता, समानता और मानवता का कालजयी संदेश बताते हुए कहा कि आज भी उनके दोहे और शिक्षा समाज को सही दिशा प्रदान करती हैं। उन्होंने कहा कि संत कबीर जी ने जाति, पंथ और ऊंच-नीच से ऊपर उठकर प्रेम, भाईचारे और एकता का संदेश दिया, जो आज भी उतना ही प्रासंगिक है। संत कबीर के विचार आज के समय में भी उतने ही प्रासंगिक हैं और उनके संदेशों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
इस अवसर पर मंत्री इंद्राज सिंह ने कहा कि संत कबीर जी ने अपने जीवन और वाणी के माध्यम से समाज को समानता, सद्भाव, भाईचारे और मानवता का अमूल्य संदेश दिया। उन्होंने सामाजिक भेदभाव, ऊंच-नीच और कुरीतियों के विरुद्ध आवाज़ उठाते हुए प्रेम, सत्य और सदाचार पर आधारित समाज की स्थापना का मार्ग प्रशस्त किया। उनके विचार आज भी सामाजिक समरसता, सामाजिक न्याय और मानवीय मूल्यों को सुदृढ़ करने की प्रेरणा प्रदान करते हैं। दिल्ली सरकार समाज के सभी वर्गों के कल्याण और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार महापुरुषों की शिक्षाओं और आदर्शों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने तथा सामाजिक समरसता और जन जागरण को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। संत कबीर दास जी जयंती का यह आयोजन समाज में प्रेम, सद्भाव, सामाजिक समानता और राष्ट्रीय एकता की भावना को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।उन्होंने बताया कि समाज कल्याण विभाग के माध्यम से विभिन्न समुदायों, युवाओं, महिलाओं और वंचित वर्गों के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं।
कार्यक्रम के दौरान संत कबीर जी के जीवन, दर्शन एवं समाज सुधार में उनके योगदान पर आधारित भजन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां एवं विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। उपस्थित नागरिकों ने संत कबीर दास जी के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करने तथा सामाजिक समरसता, भाईचारे और मानवता के मूल्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव

