‘दिल्ली चलो’ मार्च का भारतीय उद्योग व्यापार मंडल ने किया विरोध

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नई दिल्ली, 27 अक्टूबर (हि.स.)। कांग्रेस और इंडी गठबंधन के 1 नवंबर को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में बुलाई गई 'दिल्ली चलो' (वोट बचाओ - देश बचाओ) मार्च का भारतीय उद्योग व्यापार मंडल (पंजी.) ने विरोध किया है। भारतीय उद्योग व्यापार मंडल (पंजी.) के राष्ट्रीय अध्यक्ष रविकांत गर्ग ( पूर्व मंत्री उत्तर प्रदेश) ने 1 नवंबर के ‘दिल्ली चलो” मार्च का विरोध किया।

रविकांत गर्ग दिल्ली स्थित यूपी भवन में मंगलवार को प्रेस कांफ्रेंस करते हुए चेतावनी दी कि यदि 1 नवंबर के दिल्ली मार्च को स्थगित नहीं किया गया, तो देश-प्रदेश के सभी व्यापारी संगठनों के साथ व्यापारी समाज इस प्रस्तावित मार्च की अगुवाई करने वाले राजनीतिक दलों के दफ्तरों और नेताओं के निर्वाचन क्षेत्रों में धरना-प्रदर्शन करेगा। धरना प्रदर्शन की शुरूआत कांग्रेस नेता राहुल गांधी के निर्वाचन क्षेत्र अमेठी (उत्तर प्रदेश) किया जाएगा। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, दिल्ली प्रदेश के उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री से ‘दिल्ली चलो’ के आह्वान को अनुमति न देने की अपील की है।

रविकांत गर्ग ने बताया कि 29 अक्टूबर को करवा चौथ तथा 1 नवंबर को अहोई अष्टमी के महान पर्व होने के साथ धनतेरस, छोटी दिवाली, दीपावली, गोवर्धन पूजा, भैया दूज, यम द्वितीया के साथ गोपाष्टमी, अक्षय नवमी और देवोत्थान एकादशी के पावन पर्व सन्निकट हैं। ऐसे में देश का सनातनी समाज और प्रत्येक वर्ग के व्यापारी-उद्यमी, जिनके साथ मजदूर, कर्मचारी, लेबर, स्टाफ, ठेला, खोमचे, रेहडी-पटरी वाले दुकानदार भी हैं, रोजगार से वंचित हो जाएंगे।

भारतीय उद्योग व्यापार मंडल (पंजी.) के राष्ट्रीय चेयरमैन बाल किशन अग्रवाल एवं राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष जगदीश बेरीवाल, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रामगोपाल गोयल ने कहा कि मंदी के सीजन के नुकसान की भरपाई के एवज में यह वर्ग इस त्योहारी सीजन के प्रारंभ होने से दीपावली, देवोत्थान एकादशी एवं तथाश्रत विवाह-शादी आदि मांगलिक कार्यों के साथ आशा करता है कि वह अपने नुकसान की क्षतिपूर्ति करके अपने व्यापार के विकास से अपने परिवार और उस पर आश्रित लाखों-करोड़ों परिवारों का भरण-पोषण करेगा। जिससे वह अपने साथ जुड़े लाखों परिवारों के भरण-पोषण की भी पूर्ति कर सकेगा।

भारतीय उद्योग व्यापार मंडल (पंजी.) दिल्ली के प्रदेश अध्यक्ष नवीन गर्ग, प्रदेश चेयरमैन नरेश ऐरन एवं प्रदेश महामंत्री मुनीश बंसल ने आरोप लगाया कि नेताओं द्वारा अपनी राजनीति के लिए पूर्व में जंतर-मंतर पर और अब रामलीला मैदान में अशांति उत्पन्न करने की साजिश से 10,000 करोड़ के व्यापार का नुकसान हुआ है। इसके साथ-साथ करोड़ों उद्यमी-व्यापारी परिवारों और उन पर आश्रित मजदूर, स्टाफ, कामगारों, रेहड़ी-पटरी वालों के परिवारों के हितों एवं व्यापार, रोजगार पर सीधा कुठाराघात हुआ है, इसका सीधा असर देश-प्रदेशों की सरकारों के राजस्व पर पड़ेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव

Livevns.news Desk
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