जाफराबाद के स्कूल में बच्चे से दरिंदगी, मामला दर्ज

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नई दिल्ली, 30 अगस्त (हि.स.)। दिल्ली के जाफराबाद स्थित एक निजी स्कूल में मासूम के साथ दरिंदगी मामला सामने आया है। पुलिस ने परिजनों की शिकायत पर स्कूल की निदेशिका, प्रधानाचार्या, शिक्षिका और आया के खिलाफ जाफराबाद थाने में पॉक्सो एक्ट, जुवेनाइल जस्टिस एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा 28 अगस्त को दर्ज किया है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज को कब्जे में लेकर मामले की विस्तृत जांच कर रही है।

जानकारियों के मुताबिक, जाफराबाद के जिस स्कूल में मासूम के साथ दरिंदगी का मामला सामने आया है, वहां स्कूल प्रशासन खुद ही परिवार को सीसीटीवी कैमरों का एक्सेस देकर फंस गया। वारदात के बाद पीड़ित बच्चे के परिजन स्कूल पहुंचे और महिला निदेशिका, प्रधानाचार्या से पिछले कुछ दिनों की सीसीटीवी फुटेज मांगने लगे। स्कूल प्रशासन ने फुटेज देने से साफ मना कर दिया। हालांकि 25 अगस्त को स्कूल प्रशासन ने 1500 रुपये लेकर उनको सीसीटीवी कैमरों की ऑनलाइन एक्सेस दे दिया।

स्कूल प्रशासन को लगा कि परिजन शायद अपने बेटे की ऑनलाइन लाइव फुटेज ही देखेंगे। लेकिन मासूम की मां ने ऑनलाइन एक्सेस से 16, 17 और 18 अगस्त की पुरानी फुटेज निकाल ली। इसमें मासूम के साथ दरिंदगी होते दिख रही है। परिवार का आरोप है कि इससे पहले की फुटेज को डिलीट कर दिया गया है। बस इसी गलती से स्कूल प्रशासन की पोल खुल गई।

मामले में उत्तर-पूर्वी जिला के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि परिवार की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है। फुटेज को भी कब्जे में लिया गया है। फिलहाल आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। तथ्यों के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने स्कूल की डीवीआर भी कब्जे में ले लिया है।

वहीं मासूम की मानसिक हालत ठीक नहीं है। परिजनों के मुताबिक उनके बेटे में स्कूल, बॉथरूम, कुर्सी का डर बैठ गया है। घर में कुर्सी दिखते ही वह उसे लात मारने लगता है। इसके अलावा उसे बाथरूम भी जबरन ही ले जाना पड़ता है। रात को सोते-सोते वह चिल्लाकर उठ जाता है। पिता ने बताया कि 18 अगस्त से बेटे का लगातार इलाज जारी है। सोमवार को दिल्ली के एक बड़े अस्पताल में बाल मनोचिकित्सक से समय लेकर बेटे को दिखाना है।

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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव

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