अंतरराज्यीय वाहन चोरी गिरोह का भंडाफोड़, तीन गिरफ्तार, 16 लग्जरी गाड़ियां बरामद

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अंतरराज्यीय वाहन चोरी गिरोह का भंडाफोड़, तीन गिरफ्तार, 16 लग्जरी गाड़ियां बरामद


नई दिल्ली, 18 जनवरी (हि.स.)। दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की इंटर स्टेट सेल ने अंतरराज्यीय वाहन चोरी और फर्जीवाड़ा गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इस गिरोह के पास से अब तक 16 महंगी और लग्जरी चोरी की गाड़ियां बरामद की गई हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपित चोरी और लोन-डिफॉल्ट वाहनों के चेसिस नंबर से छेड़छाड़ कर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर उन्हें दोबारा रजिस्टर कर बेचते थे।

क्राइम ब्रांच के पुलिस उपायुक्त आदित्य गौतम ने रविवार को पुलिस मुख्यालय में प्रेस वार्ता कर बताया कि मामले की शुरुआत 05 अगस्त 2025 को हुई, जब थाना मौर्य एन्क्लेव में गाड़ी चोरी की शिकायत दर्ज की गई। शिकायतकर्ता ने बताया कि उनकी हुंडई क्रेटा कार पीतमपुरा के एपी ब्लॉक से 4/5 अगस्त की रात चोरी हो गई थी। शुरुआती जांच स्थानीय थाना पुलिस द्वारा की गई, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए पांच सितंबर 2025 को जांच क्राइम ब्रांच की इंटर स्टेट सेल, चाणक्यपुरी को सौंप दी गई।

पुलिस उपायुक्त के अनुसार 24 दिसंबर को इंटर स्टेट सेल के एएसआई प्रवीण सिंह को सूचना मिली कि पंजाब के जालंधर में चोरी की गाड़ियों का एक बड़ा रिसीवर सक्रिय है और इसी के पास चोरी की गई हुंडई क्रेटा भी मौजूद है। तकनीकी निगरानी के बाद पुलिस टीम ने 25 दिसंबर 2025 को जालंधर में छापा मारा। छापेमारी के दौरान दमणदीप सिंह उर्फ लक्की (42) को पकड़ा गया, जो जालंधर में सेकेंड हैंड कारों का कारोबार चला रहा था। उसके ठिकाने से चार किआ सेल्टोस कारें बरामद की गईं, जो जांच में दिल्ली से चोरी की निकलीं।

फर्जी चेसिस नंबर और जाली दस्तावेजों से होता था खेल

जांच में खुलासा हुआ कि दमनदीप सिंह एक संगठित अंतरराज्यीय वाहन चोरी गिरोह का मास्टरमाइंड है। यह गिरोह दिल्ली-एनसीआर से चोरी और लोन-डिफॉल्ट वाहन मंगवाता था। बाद में इन वाहनों के चेसिस नंबर बदल दिए जाते थे या टोटल-लॉस वाहनों के चेसिस नंबर का इस्तेमाल किया जाता था। इसके बाद फर्जी बिक्री पत्र (सेल लेटर) और जाली बैंक एनओसी तैयार कर गाड़ियों का दोबारा रजिस्ट्रेशन कराया जाता था। अधिकतर रजिस्ट्रेशन पंजाब और हिमाचल प्रदेश में कराए जाते थे, ताकि वाहन पूरी तरह असली प्रतीत हों।

पूछताछ में दमनदीप ने खुलासा किया कि वह दिल्ली में अमनदीप, निवासी पीतमपुरा, के जरिए चोरी की गाड़ियां बेचता था। पुलिस ने दाे दिन पहले अमनदीप को गिरफ्तार किया। अमनदीप खरीदारों से संपर्क करता, वाहनों की डिलीवरी कराता और दिल्ली से जालंधर तक चोरी की गाड़ियों की आवाजाही की व्यवस्था करता था। इसके अलावा, पुलिस ने अरविंद शर्मा (38) निवासी चंडीगढ़ को भी गिरफ्तार किया, जो बीटेक ग्रेजुएट है और लंबे समय से वाहन संबंधी फर्जी दस्तावेज तैयार करने का काम कर रहा था। दिल्ली पुलिस का कहना है कि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है और आने वाले दिनों में और गाड़ियों की बरामदगी होने की संभावना है।

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हिन्दुस्थान समाचार / कुमार अश्वनी

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