नाइजीरियाई ड्रग सिंडिकेट पर क्राइम ब्रांच की बड़ी चोट, 5 करोड़ की कोकीन व एमडीएमए जब्त

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नाइजीरियाई ड्रग सिंडिकेट पर क्राइम ब्रांच की बड़ी चोट, 5 करोड़ की कोकीन व एमडीएमए जब्त


नई दिल्ली, 18 जनवरी (हि.स.)। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने नाइजीरियाई नागरिकों द्वारा संचालित अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट का भंडाफोड़ करते हुए 418 ग्राम कोकीन और 925 एमडीएमए (एक्स्टेसी) टैबलेट बरामद की हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इनकी कीमत करीब पांच करोड़ रुपये आंकी गई है। मामले में दो विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है।

क्राइम ब्रांच के पुलिस उपायुक्त हर्ष इंदौरा ने रविवार को बताया कि क्राइम ब्रांच लंबे समय से दिल्ली में सक्रिय ड्रग तस्करी नेटवर्क पर नजर रखे हुए थी। इसी दौरान हेड कांस्टेबल संदीप कादियान को सूचना मिली कि नाइजीरियाई नागरिक फ्रैंक विटस, जो पहले भी एनडीपीएस एक्ट के मामलों में संलिप्त रह चुका है, दक्षिण और दक्षिण-पश्चिम दिल्ली में कोकीन व एमडीएमए की सप्लाई कर रहा है।

सूचना को पुख्ता कर पुलिस टीम ने आरोपित की तकनीकी और मैनुअल सर्विलांस शुरू की। आरोपित लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था। कड़ी मेहनत के बाद पुलिस ने उसकी लोकेशन ट्रेस कर छापेमारी की और फ्रैंक विटस को दबोच लिया। तलाशी में उसके पास से 418 ग्राम कोकीन और 910 एमडीएमए टैबलेट बरामद हुईं। इसके बाद एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई गई।

पूछताछ में सप्लाई चेन का खुलासा

पूछताछ में फ्रैंक ने बताया कि वह दिल्ली और आसपास के राज्यों में ड्रग्स की सप्लाई करता था। मोबाइल फोन के तकनीकी विश्लेषण से पता चला कि ड्रग्स की सप्लाई एक अन्य नाइजीरियाई नागरिक कर रहा था, जो व्हाट्सएप पर नाइजीरियाई नंबर से संपर्क में था।तकनीकी सुरागों के आधार पर पुलिस ने महरौली इलाके में छापेमारी कर संडे ओटू को गिरफ्तार किया। उसके किराए के कमरे से 15 एक्स्टेसी टैबलेट बरामद हुईं। पूछताछ में उसने बताया कि वह पिछले दो वर्षों से दिल्ली में रहकर फ्रैंक को ड्रग्स सप्लाई कर रहा था और गिरफ्तारी के डर से लगातार ठिकाने बदल रहा था।

पुलिस उपायुक्त के अनुसार जांच में सामने आया कि पूरे ड्रग सिंडिकेट का सरगना नाइजीरिया में बैठा एलो चुक्वु है। ड्रग्स की खेप दिल्ली पहुंचाने के लिए एक अफ्रीकी महिला का इस्तेमाल किया जाता था, जो गिफ्ट पैक के जरिए कोकीन और एक्स्टेसी टैबलेट्स की डिलीवरी करती थी। पुलिस के अनुसार, फ्रैंक वर्ष 2012 में बिजनेस वीजा पर भारत आया था। 2015 में उसे एनसीबी ने एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार किया था और उसका पासपोर्ट पटियाला हाउस कोर्ट में जमा है। 2024 में जमानत पर बाहर आने के बाद उसने फिर से नशे का कारोबार शुरू कर दिया। वहीं संडे ओटू 2015 में कपड़ों के कारोबार के लिए भारत आया था, लेकिन नुकसान के बाद उसने ड्रग तस्करी का रास्ता अपना लिया।

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हिन्दुस्थान समाचार / कुमार अश्वनी

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