कांग्रेस ने उपराज्यपाल को सौंपा ज्ञापन, युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं की रिहाई की मांग

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कांग्रेस ने उपराज्यपाल को सौंपा ज्ञापन, युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं की रिहाई की मांग


नई दिल्ली, 24 फ़रवरी (हि.स.)। दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना से मंगलवार को कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने लोक निवास में मुलाकात की। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कोषाध्यक्ष अजय माकन के नेतृत्व में दिल्ली कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने एआई शिखर सम्मेलन के दौरान युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर पुलिस कार्रवाई के संबंध में उपराज्यपाल को ज्ञापन देकर कार्यकर्ताओं की रिहाई की मांग की।

उपराज्यपाल ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को स्पष्ट रूप से बताया कि युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं का यह कृत्य प्रथम दृष्टया राष्ट्र की छवि को धूमिल करने के उद्देश्य से किया गया था, ऐसे अवसर पर जब एक अत्यंत महत्वपूर्ण और सामयिक अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम चल रहा था। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि एआई शिखर सम्मेलन किसी व्यक्ति या राजनीतिक दल द्वारा नहीं बल्कि पूरे भारत द्वारा आयोजित किया जा रहा था। एआई शिखर सम्मेलन स्थल पर किया गया अशोभनीय विरोध प्रदर्शन नासमझी भरा, दुर्भावनापूर्ण और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर हमारी राष्ट्रीय छवि को धूमिल करने वाला था।

कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने उपराज्यपाल से मुलाकात के बाद एक विज्ञप्ति जारी कर बताया कि युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं का यह प्रतीकात्मक राजनीतिक प्रदर्शन था। जिसके विरोध में पुलिस द्वारा उनकी गिरफ्तारी और उनके खिलाफ शुरू की गई आपराधिक कार्यवाही पर “गंभीर चिंता“ व्यक्त की। गिरफ्तार युवाओं को किसी भी सार्वजनिक रुप में हिंसा, सम्पत्ति की क्षति या सार्वजनिक सुरक्षा के लिए खतरे के किसी भी आरोप के लिए जिम्मेदार नही ठहराया गया है।

अजय माकन ने कहा कि भाजपा लोकतंत्र में अभिव्यक्ति की आजादी को खत्म करना चाहती है, जबकि लोकतंत्र में विपक्ष को अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है। भाजपा सरकार द्वारा युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार करना पूरी तरह असंवैधानिक और लोकतंत्र की हत्या है। उन्होंने कहा कि देश विरोधी निर्णयों के खिलाफ विपक्ष को बात रखने का पूरा अधिकार है। उन्होंने कहा कि अंतराष्ट्रीय मुद्दों पर सरकार के खिलाफ विपक्ष को अपनी बात शांतिपूर्वक तरीके से रखने का अधिकार लोकतंत्र में है।

देवेंद्र यादव ने बताया कि उपराज्यपाल ने कांग्रेस के उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल को धैर्यपूर्वक सुना और मामले को समानता पूर्वक देखकर निष्पक्षता से जांच सुनिश्चित करने का वादा किया, क्योंकि युवा कांग्रेस का प्रदर्शन “प्रतीकात्मक और राजनीतिक था। उन्होंने कहा कि युवा कांग्रेस अध्यक्ष उदयभानू चिब को हिरासत में लेना पूरी तरह गैर कानूनी है। विपक्ष को शांति पूर्ण बात रखने का पूरा अधिकार है लेकिन सत्ताधारी भाजपा पूरी तरह तानाशाह की तरह काम कर रही है।

देवेंद्र यादव ने बताया कि कांग्रेस के ज्ञापन में “प्रवर्तन में आनुपातिकता, लोकतांत्रिक राजनीतिक अभिव्यक्ति की सुरक्षा और यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि राजनीतिक असहमति से उत्पन्न होने वाला अभियोजन/आरोप अत्यधिक उत्साही या अनावश्यक रूप से कठोर तरीके से न हो। उन्होंने कहा कि युवाओं की गिरफ्तारी पूरी तरह असवैंधानिक है। सरकार के देश विरोधी फैंसलों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करना राजनैतिक दलों का लोकतांत्रिक अधिकार है।

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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव

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