दिल्ली में प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए ठोस कदम उठाने का निर्देश

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दिल्ली में प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए ठोस कदम उठाने का निर्देश


नई दिल्ली, 25 जून (हि.स.)। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण नियंत्रण को लेकर सभी जिला मजिस्ट्रेटों के साथ गुरुवार को समीक्षा बैठक की। बैठक में प्रदूषण नियंत्रण के लिए जिला स्तर पर समन्वित रणनीति तैयार करना और राजधानी में पर्यावरणीय सुरक्षा उपायों को और सुदृढ़ करना है।

बैठक को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि धूल प्रदूषण दिल्ली की वायु गुणवत्ता का एक प्रमुख कारण है। प्रत्येक जिला मजिस्ट्रेट अपने क्षेत्र में धूल उत्पन्न करने वाले स्रोतों की सक्रिय रूप से पहचान करें तथा सभी संबंधित विभागों के साथ मिलकर उनके प्रभावी नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए। चाहे वह क्षतिग्रस्त सड़कें हों, निर्माण गतिविधियां हों या रखरखाव की कमी—धूल के प्रत्येक स्रोत पर समन्वित एवं परिणामोन्मुख कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।

बैठक में प्रदूषण हॉटस्पॉट्स की पहचान, यातायात प्रबंधन में सुधार, धूल प्रदूषण नियंत्रण, अतिक्रमण हटाने, सार्वजनिक पार्कों के रखरखाव को बेहतर बनाने, प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों की निगरानी तथा विभिन्न विभागों के बीच प्रभावी समन्वय सुनिश्चित करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

मंत्री सिरसा ने सभी जिला मजिस्ट्रेटों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में दिल्ली पुलिस, ट्रैफिक पुलिस, नगर निगम दिल्ली (एमसीडी), लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) तथा अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर प्रदूषण हॉटस्पॉट्स की व्यापक मैपिंग करें। साथ ही जिला मजिस्ट्रेटों को समय-समय पर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने तथा कार्यान्वयन की समीक्षा बैठकों में भाग लेकर तय समयसीमा में परिणाम सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर बल देते हुए सिरसा ने कहा कि प्रदूषण के विरुद्ध लड़ाई सामूहिक प्रयास है। जिला मजिस्ट्रेट दिल्ली पुलिस, एमसीडी, पीडब्ल्यूडी, डीपीसीसी तथा अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ पूर्ण समन्वय स्थापित कर प्रदूषण हॉटस्पॉट्स की पहचान करें। प्रत्येक हॉटस्पॉट प्रदूषण का स्रोत है और इन्हें समाप्त करने से दिल्ली की वायु गुणवत्ता में प्रत्यक्ष सुधार होगा।

बैठक में जिला मजिस्ट्रेटों को ऐसे सभी सार्वजनिक पार्कों की विस्तृत सूची तैयार करने के निर्देश भी दिए गए, जहाँ चारदीवारी क्षतिग्रस्त है अथवा रखरखाव अपर्याप्त है, ताकि आवश्यक मरम्मत एवं पुनर्स्थापन कार्य समयबद्ध तरीके से किया जा सके।

औद्योगिक प्रदूषण की समीक्षा करते हुए मंत्री ने जिला मजिस्ट्रेटों को दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) के साथ समन्वय कर प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों की पहचान करने तथा आवश्यकता अनुसार उनके विरुद्ध कार्रवाई की अनुशंसा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए अनुपालन तंत्र को और अधिक मजबूत बना रही है कि सभी औद्योगिक इकाइयां पर्यावरणीय मानकों का पूर्णतः पालन करें।

मंत्री ने दिल्ली में वायु गुणवत्ता निगरानी प्रणाली को सुदृढ़ करने के लिए पूरे शहर में एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) मॉनिटरिंग सेंसर स्थापित करने की प्रस्तावित पहल का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस विस्तारित निगरानी नेटवर्क से वाहनों से होने वाले उत्सर्जन, औद्योगिक गतिविधियों, सड़क की धूल तथा निर्माण कार्यों सहित प्रदूषण के विभिन्न स्रोतों की सटीक पहचान संभव होगी, जिससे स्थानीय स्तर पर अधिक प्रभावी एवं लक्षित हस्तक्षेप किए जा सकेंगे।

व्यापार सुगमता को बढ़ावा देने तथा प्रदूषण नियंत्रण उपायों को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से मंत्री सिरसा ने डीपीसीसी एवं जिला मजिस्ट्रेट कार्यालयों में 'व्यापार मित्र' नियुक्त करने के निर्देश भी दिए। ये अधिकारी उद्योगों, व्यापारियों एवं उद्यमियों के लिए सुविधा प्रदाता (फैसिलिटेटर) के रूप में कार्य करेंगे तथा सरकारी प्रक्रियाओं में सहायता, परिचालन संबंधी समस्याओं के समाधान एवं विभिन्न मामलों के समयबद्ध निस्तारण में सहयोग प्रदान करेंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव

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