कांवड़ यात्रा को लेकर मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक, कांवड़ समितियों के पंजीकरण की प्रक्रिया समय से शुरू करने का निर्देश

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कांवड़ यात्रा को लेकर मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक, कांवड़ समितियों के पंजीकरण की प्रक्रिया समय से शुरू करने का निर्देश


नई दिल्ली, 04 जून (हि.स.)। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार को कांवड़ यात्रा-2026 की तैयारियों को लेकर आयोजित कांवड़ समिति की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। तैयारियों की समीक्षा के बाद मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि कांवड़ समितियों के पंजीकरण की प्रक्रिया समय से शुरू की जाए। इसके लिए 1 जुलाई से पंजीकरण शुरू करने की दिशा में सभी तैयारियां पूरी कर ली जानी चाहिए।

बैठक में कला एवं संस्कृति मंत्री और कांवड़ समिति के अध्यक्ष कपिल मिश्रा, समिति के सदस्य विधायक अजय महावर, अनिल वाजपेयी, करतार सिंह तंवर, संजय गोयल और उमंग बजाज सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में राजस्व विभाग, दिल्ली पुलिस, लोक निर्माण विभाग, दिल्ली नगर निगम, दिल्ली अग्निशमन सेवा, दिल्ली जल बोर्ड, डूसिब और अन्य संबंधित विभागों ने अपनी तैयारियों की जानकारियां दीं।

समीक्षा बैठक में कांवड़ समितियों के प्रतिनिधियों ने बताया कि बड़े शिविरों के लिए मौजूदा अनुदान राशि पर्याप्त नहीं है, क्योंकि टेंट और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं पर अधिक खर्च आता है। कुछ समितियों ने अनुदान बढ़ाने या पहले की तरह सरकार द्वारा सीधे टेंट उपलब्ध कराने का सुझाव दिया। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आश्वासन दिया कि सरकार सभी सुझावों पर सकारात्मक रूप से विचार करेगी और जरूरत पड़ने पर अनुदान राशि में बढ़ोतरी भी की जा सकती है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य कांवड़ समितियों को हरसंभव सहयोग देना है, ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

बैठक में पिछले वर्ष सामने आई चुनौतियों और सुझावों की भी समीक्षा की गई। समिति के सदस्यों ने मोबाइल शौचालयों की संख्या और गुणवत्ता बढ़ाने, उनकी नियमित सफाई सुनिश्चित करने, 24×7 चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने, पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था, गैस सिलेंडरों की निर्बाध उपलब्धता, समयबद्ध होर्डिंग और प्रचार सामग्री लगाने तथा वर्षा के दौरान जलभराव की समस्या से निपटने के लिए अग्रिम तैयारी करने का सुझाव दिया।

मुख्यमंत्री ने कांवड़ शिविरों में स्वास्थ्य सेवाओं की विशेष समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं को 24 घंटे चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। इसके लिए डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों की अलग-अलग शिफ्टों में तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया, ताकि दिन और रात दोनों समय इलाज की सुविधा मिल सके। बैठक में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर भी विस्तार से चर्चा हुई।

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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव

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