मुख्यमंत्री ने लॉन्च किया एआई-संचालित ‘डस्ट पोर्टल 2.0’, निर्माण स्थलों की होगी लाइव निगरानी

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मुख्यमंत्री ने लॉन्च किया एआई-संचालित ‘डस्ट पोर्टल 2.0’, निर्माण स्थलों की होगी लाइव निगरानी


नई दिल्ली, 13 जुलाई (हि.स.)। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को एआई-संचालित ‘डस्ट पोर्टल 2.0’ - डस्ट पॉल्यूशन कंट्रोल सेल्फ-असेसमेंट वेब पोर्टल और मोबाइल एप्लिकेशन का शुभारंभ किया।

दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) की ओर से विकसित यह अत्याधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म एआई की सहायता से निर्माण एवं विध्वंस स्थलों पर धूल नियंत्रण उपायों की वास्तविक समय में निगरानी करेगा। इसके माध्यम से परियोजना संचालकों को स्व-मूल्यांकन की सुविधा मिलेगी और डेटा आधारित निगरानी और एनफोर्समेंट को और अधिक सशक्त बनाया जाएगा।

इस अवसर पर दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा सहित संबंधित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान डस्ट पोर्टल 2.0 का लाइव प्रदर्शन भी किया गया, जिसमें दिखाया गया कि किस प्रकार एआई निगरानी व्यवस्था को अधिक कुशल, सटीक और प्रभावी बना सकती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली में वायु प्रदूषण के खिलाफ लड़ाई केवल सख्त नियमों से नहीं, बल्कि आधुनिक और स्मार्ट प्रशासनिक प्रणालियों से भी लड़ी जाएगी। डस्ट पोर्टल 2.0 निर्माण स्थलों पर धूल प्रदूषण की निगरानी और प्रबंधन की प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण बदलाव लेकर आएगा। उन्होंने कहा कि एआई और डिजिटल तकनीक के माध्यम से हमारी सरकार अनुपालन प्रक्रिया को सरल, निगरानी को अधिक प्रभावी और एनफोर्समेंट को अधिक पारदर्शी बना रहे हैं। यह प्लेटफॉर्म सुनिश्चित करेगा कि प्रत्येक निर्माण एजेंसी स्वच्छ और प्रदूषण-मुक्त दिल्ली के निर्माण में सक्रिय भागीदार बने। भविष्य में चालान प्रक्रिया को भी पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।पोर्टल के माध्यम से सीधे नोटिस और चालान जारी किए जा सकें।

दिल्ली सरकार के आंकड़ों के अनुसार, सड़क, मिट्टी और निर्माण गतिविधियों से उत्पन्न धूल राजधानी के वायु प्रदूषण का एक बड़ा कारण है। ग्रीष्म ऋतु में कुल वायु प्रदूषण में इसकी हिस्सेदारी लगभग 27 प्रतिशत और शीत ऋतु में 15 प्रतिशत तक रहती है। वहीं, पीएम-10 उत्सर्जन में धूल की हिस्सेदारी 66 प्रतिशत और पीएम-2.5 उत्सर्जन में लगभग 38 प्रतिशत है। इसी चुनौती से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए डस्ट पोर्टल 2.0 विकसित किया गया है।

डस्ट पोर्टल 2.0 की प्रमुख तकनीकी विशेषताएं : डस्ट पोर्टल 2.0 में जीआईएस मैपिंग, लाइव 360 डिग्री पीटीजेड कैमरे, पीएम-10 और पीएम-2.5 सेंसर, रियल-टाइम एनालिटिक्स और एआई आधारित मॉनिटरिंग जैसी अत्याधुनिक तकनीकों को शामिल किया गया है। यह पोर्टल निर्माण स्थलों की सटीक मैपिंग करेगा और धूल नियंत्रण से जुड़े पांच प्रमुख मानकों का स्वतः मूल्यांकन करेगा, जिससे निगरानी अधिक निष्पक्ष, पारदर्शी और एकरूप होगी। साथ ही, यह निर्माण स्थलों के निकटतम एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन (एक्यूएमएस) की पहचान कर साइट-स्तरीय डेटा का विश्लेषण करेगा। प्रदूषण का स्तर बढ़ते ही सिस्टम स्वतः येलो, ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी करेगा ताकि संबंधित एजेंसियां समय रहते आवश्यक कार्रवाई कर सकें।

मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि निर्माण एवं विध्वंस गतिविधियों से उत्पन्न धूल दिल्ली में वायु प्रदूषण के प्रमुख स्रोतों में से एक है। डस्ट पोर्टल 2.0 के माध्यम से पहली बार 500 वर्ग गज या उससे बड़े सभी निर्माण स्थलों की एआई आधारित निगरानी की जाएगी। यह अत्याधुनिक प्रणाली 360 डिग्री कैमरों, सेंसर, जीआईएस और रियल-टाइम डेटा के माध्यम से धूल नियंत्रण उपायों की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करेगी। अब तक निर्माण स्थलों की निगरानी मुख्यतः मैनुअल प्रक्रियाओं पर आधारित थी, जिनमें कई कमियां थीं। नई एआई आधारित व्यवस्था से नियमों के पालन की वास्तविक समय में निगरानी होगी, उल्लंघन होने पर तत्काल अलर्ट जारी होंगे और बार-बार नियम तोड़ने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। इससे पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और प्रभावी बनेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव

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