मुख्यमंत्री ने खजूरी खास में केंद्रीय विद्यालय के अस्थायी भवन का किया उद्घाटन
नई दिल्ली, 02 मार्च (हि.स.)। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को उत्तर-पूर्वी दिल्ली के खजूरी खास में केंद्रीय विद्यालय के अस्थायी भवन का उद्घाटन किया और इसके स्थायी भवन के निर्माण के लिए भूमि पूजन भी किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह करावल नगर और पूरे उत्तर-पूर्वी दिल्ली क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक अवसर है। उन्होंने बताया कि इस इलाके में लंबे समय से अच्छी शैक्षणिक सुविधाओं की कमी थी और अब तक यह क्षेत्र मात्र एक केंद्रीय विद्यालय पर निर्भर था। नए केंद्रीय विद्यालय के बनने से बच्चों को बेहतर और आधुनिक शिक्षा मिलेगी। साथ ही, पूरे क्षेत्र में शिक्षा का माहौल भी सुधरेगा और सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद, पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा सहित शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय क्षेत्र के विद्यालयों की स्थिति अत्यंत दयनीय थी। कक्षाओं के अभाव में बच्चों को अलग-अलग दिनों में बुलाकर पढ़ाई कराई जाती थी और एक ही कमरे में दो-दो कक्षाएं संचालित होती थीं, जिससे विद्यार्थियों की शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित होती थी। वर्तमान में ‘ट्रिपल इंजन सरकार’ के समन्वित प्रयासों से शिक्षा, सड़क, पेयजल, सीवर, फ्लाईओवर, फुटओवर ब्रिज, अस्पताल और अन्य बुनियादी विकास परियोजनाओं को तेज गति से आगे बढ़ाया जा रहा है और इनका प्रत्यक्ष लाभ आम जनता को मिल रहा है।
मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्रीय विद्यालय के निर्माण से क्षेत्र के बच्चों को राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा उपलब्ध होगी और यह संस्थान आने वाली पीढ़ियों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव बनेगा। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर अवसंरचना उपलब्ध कराना है ताकि विकसित दिल्ली के निर्माण का संकल्प मजबूत आधार पर साकार हो सके।
उन्होंने कहा कि केंद्र, दिल्ली सरकार और नगर निगम के समन्वित कार्य के कारण विकास कार्यों में गति आई है और इसका लाभ सीधे जनता तक पहुंच रहा है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि करावल नगर क्षेत्र में मेट्रो परियोजना शीघ्र शुरू होने वाली है। मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि सरकार का लक्ष्य केवल साक्षरता नहीं, बल्कि बच्चों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना है। सरकारी स्कूलों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित कर हम एक ऐसी पीढ़ी तैयार कर रहे हैं जो राष्ट्र निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाएगी।
मंत्री आशीष सूद ने कहा कि यह केवल एक विद्यालय का उद्घाटन नहीं, बल्कि उस क्षेत्र के समग्र विकास का नया अध्याय है, जो वर्षों तक बुनियादी शैक्षणिक अवसंरचना की कमी से जूझता रहा। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक शिक्षा का विकास सीमित क्षेत्रों तक ही दिखाई देता था, जबकि उत्तर-पूर्वी दिल्ली के विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए 4-5 किलोमीटर दूर तक जाना पड़ता था। इसकी वजह से नए विद्यालयों की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी।
मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि केंद्रीय विद्यालय का उपहार क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि है। पिछले लगभग 15-20 वर्षों में यमुनापार में विकास की गति रुक सी गई थी। कांग्रेस की आपस की लड़ाई और केजरीवाल सरकार की अनदेखी में यमुनापार में खासकर उत्तर पूर्वी दिल्ली विकास में काफी पीछे छूट गया।
उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार ने यमुनापार विकास बोर्ड के खाते में महज एक करोड़ रुपये छोड़कर इसे खत्म कर दिया था। इस नए विद्यालय के संचालन के साथ ही दिल्ली में केंद्रीय विद्यालयों की कुल संख्या बढ़कर 47 हो गई है। यह संस्थान न केवल स्थानीय बच्चों को विश्वस्तरीय शिक्षा प्रदान करेगा, बल्कि उत्तर-पूर्वी दिल्ली के अन्य विद्यालयों पर बढ़ते प्रवेश के दबाव को भी कम करेगा। वर्तमान में दिल्ली के इन 47 केंद्रीय विद्यालयों के माध्यम से 1,19,000 से अधिक विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण और किफायती शिक्षा सुनिश्चित की जा रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव

