दिल्ली पुलिस के ‘से हेल्प’ ऐप ने बचाई महिला वकील की जान
नई दिल्ली, 27 मई (हि.स.)। कभी-कभी कुछ मिनट की देरी जिंदगी और मौत के बीच का फासला तय कर देती है। सुप्रीम कोर्ट की एक महिला वकील के लिए दिल्ली पुलिस का ‘से हेल्प’ ऐप संकट की घड़ी में जीवनरक्षक साबित हुई। दिल की गंभीर बीमारी से जूझ रहीं महिला वकील की तबीयत अचानक बिगड़ी तो उन्होंने किसी तरह ऐप के जरिए मदद मांगी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और समय रहते इलाज मिलने से उनकी जान बच गई।
मध्य जिले के पुलिस उपायुक्त रोहित राजबीर सिंह ने बुधवार को बताया कि सुप्रीम कोर्ट की महिला वकील पल्लवी नंदन दरियागंज इलाके में अपने पति के साथ रहती हैं। मंगलवार को वह घर पर अकेली थीं। उनके पति जरूरी दवाइयां लेने बाहर गए हुए थे। इसी दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। बताया गया कि पल्लवी नंदन दिल की गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं। उन्होंने अपने पति को भी फोन किया, लेकिन वह दरियागंज इलाके में बिरसा मुंडा जयंती के अवसर पर निकाली जा रही शोभायात्रा के कारण लगे जाम में फंसे हुए थे। घटा मस्जिद के पास बैरिकेडिंग और सुरक्षा इंतजाम के चलते यातायात प्रभावित था।
इसी बीच पल्लवी की हालत और खराब होने लगी। असहनीय दर्द के बीच वह रसोई में फर्श पर गिर गईं। घर में अकेली होने के कारण उन्होंने किसी तरह दिल्ली पुलिस के ‘से हेल्प’ ऐप के जरिए इमरजेंसी मदद मांगी। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, ‘से हेल्प’ ऐप बनाने वाले महेश को इमरजेंसी अलर्ट मिला। उन्होंने तुरंत इसकी जानकारी दरियागंज थाना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी अपनी टीम, एंबुलेंस और फर्स्ट एड उपकरणों के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिसकर्मियों ने महिला को समय रहते प्राथमिक मदद उपलब्ध कराई। इसके साथ ही उनके पति को जाम से निकालने में भी सहायता की गई। समय पर इलाज मिलने से पल्लवी नंदन की जान बच गई। महिला वकील ने दिल्ली पुलिस का आभार जताते हुए कहा कि ‘से हेल्प’ ऐप की वजह से उन्हें जिंदगी का दूसरा मौका मिला है। पुलिस उपायुक्त रोहित राजबीर सिंह ने बताया कि ‘से हेल्प’ ऐप को इमरजेंसी परिस्थितियों में त्वरित सहायता उपलब्ध कराने के लिए विकसित किया गया है। कोई भी व्यक्ति इससे जुड़कर जरूरत पड़ने पर मदद मांग सकता है और दिल्ली पुलिस तत्काल सहायता पहुंचाने का प्रयास करती है।
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हिन्दुस्थान समाचार / कुमार अश्वनी

