'बिजनेस उत्तरायणी-हिमालयन बिजनेस महाकुंभ 2026' का आयोजन

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'बिजनेस उत्तरायणी-हिमालयन बिजनेस महाकुंभ 2026' का आयोजन


नई दिल्ली, 15 सितंबर (हि.स.)। 'हिमालयन रिसोर्सेज एन्हांसमेंट सोसाइटी' ने नई दिल्ली के चाणक्यपुरी स्थित विश्व युवक केंद्र में सोमवार को 'बिजनेस उत्तरायणी-हिमालयन बिजनेस महाकुंभ 2026' का आयोजन कियाा। इस महाकुंभ का मुख्य उद्देश्य हिमालयी क्षेत्र के उद्यमियों, पेशेवरों और स्थानीय हस्तशिल्प को एक राष्ट्रीय मंच प्रदान करना, व्यापारिक नेटवर्किंग को बढ़ावा देना और 'प्रोफेशनल रिवर्स माइग्रेशन' (अपनी जड़ों की ओर वापसी और विकास) को प्रोत्साहित करना है। यह जानकारी एक विज्ञप्ति में दी गई।

विज्ञप्ति के मुताबिक कार्यक्रम की शुरुआत 'हुड़का नाद' की पारंपरिक ध्वनि एवं शकुनाखर के साथ लोकगायक भुवन रावत की द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। दीप प्रज्ज्वलन महाराष्ट एवं गोवा के पूर्व गवर्नर एवं उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी के साथ, एयर वाइस मार्शल राजेश भंडारी, उत्तराखंड में महिला उद्यमिता राज्यमंत्री विनोद उनियाल, वरिष्ठ फिल्म निर्देशिका सुशीला रावत, पूर्व कुलपति उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय हरिद्वार प्रो. मोहन चंद्र बलोदी, रमेश चंद्र बवाड़ी तथा बिजनेस उत्तरायणी के दिल्ली पदाधिकारियों के साथ किया गया।

फरीदाबाद से उद्यमी गोपाल उनियाल ने स्वागत उद्बोधन किया और हिलामयी राज्यों में उद्यमिता विकास हेतु चल रहे बिजनेस उत्तरायणी से जुड़ने का आह्वान सभी से किया। बिजनेस उत्तरायणी के संस्थापक नीरज बवाड़ी ने 7 साल की यात्रा, प्रमुख मार्गदर्शकों, सहयोगियों और भविष्य की योजनाओं के बारे में सभी को अवगत कराया गया। कार्यक्रम के दौरान फिनखोज, लोर, हिमालयन, बाला गोरिया, चेली आर्ट्स, द्रुमा और नेचुरोगेनिक्स, जैसे स्थानीय और उभरते ब्रांड्स के नए उत्पादों को मंच से लॉन्च किया गया। इसके साथ ही 'बिजनेस उत्तरायणी' की विशेष स्मारिका/पत्रिका का विमोचन भी किया गया। अनुभवी उद्योगपतियों, नीति-निर्माताओं और प्रमुख वक्ताओं ने युवाओं और नए उद्यमियों को बिजनेस ग्रोथ, ब्रांडिंग और निवेश जुटाने के गुरुमंत्र दिए। बिजनेस उत्तरायणी अवॉर्ड्स :

विभिन्न क्षेत्रों (जैसे उद्यमिता, समाजसेवा, संस्कृति और मीडिया) में उत्कृष्ट कार्य करने वाली हस्तियों को सम्मानित किया गया।

आयोजकों ने बताया कि बिजनेस उत्तरायणी का लक्ष्य केवल व्यापार बढ़ाना नहीं, बल्कि हिमालयी क्षेत्र के कौशल, जैविक उत्पादों, पर्यटन और संस्कृति को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाना है। कार्यक्रम का संयोजन और संचालन बिजनेस उत्तरायणी के संस्थापक नीरज बवाड़ी ने किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव

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