दिल्ली में 10 से 14 अप्रैल तक “भीम ज्योति उत्सव 2026’ का आयोजन

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दिल्ली में 10 से 14 अप्रैल तक “भीम ज्योति उत्सव 2026’ का आयोजन


नई दिल्ली, 09 अप्रैल (हि.स.)। दिल्ली सरकार 10-14 अप्रैल तक इंडिया गेट कस्तूरबा गांधी मार्ग क्षेत्र में डॉ. भीमराव अंबेडकर की 136वीं जयंती के उपलक्ष्य पर 'भीम ज्योति उत्सव 2026' का आयोजन कर रही है। यह जानकारी गुरुवार को दिल्ली के समाज कल्याण मंत्री रविंद्र इंद्राज सिंह ने दिल्ली सचिवालय में मीडिया से बातचीत करते हुए दी।

मंत्री इंद्राज ने सभी को आमंत्रित करते हुए कहा कि इस बार दिल्ली में बाबा साहेब की जयंती बड़े ही भव्य और उत्साहपूर्ण रूप में मनाई जाएगी। भीम ज्योति उत्सव में बाबा साहेब से जुड़ा हुआ समृद्ध साहित्य, उनके जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण अध्यायों को एक विशेष गैलरी के रूप में प्रदर्शित किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि इस आयोजन के अंतर्गत आगंतुकों को बाबा साहेब के जीवन, विचारों और संघर्ष से जुड़े विभिन्न पहलुओं को देखने और समझने का अवसर मिलेगा। इसके साथ ही अनेक लोक-सांस्कृतिक कार्यक्रम, प्रस्तुतियां और विविध आयोजन भी किए जाएंगे, जो उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य करेंगे।

मंत्री इंद्राज ने कहा कि इस मंच पर पूरे देश की समरसता का भाव देखने को मिलेगा। इसमें विभिन्न संत, समाजसेवी, बुद्धिजीवी और वे सभी लोग भाग लेंगे जो समाज में एकता और समरसता के मूल्यों को आगे बढ़ाने का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब का मूल संदेश “राष्ट्र सर्वोपरि” का था और उन्होंने हमेशा राष्ट्रहित को प्राथमिकता देते हुए कार्य किया।

उन्होंने बताया कि 10 अप्रैल से 14 अप्रैल तक आयोजित होने वाले इस उत्सव के माध्यम से बाबा साहेब को सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी। उन्होंने जनता से अपील की कि वे इस महोत्सव में अधिक से अधिक संख्या में भाग लें और इस ऐतिहासिक आयोजन का हिस्सा बनें।

उन्होंने यह भी कहा कि समय-समय पर विभिन्न मुद्दों पर अलग-अलग मत सामने आते हैं, लेकिन बाबा साहेब के प्रति सम्मान और उनके विचारों को लेकर देश एकजुट है। यह आयोजन उसी समरसता और एकता का प्रतीक होगा, जहां सभी लोग एक साथ आकर उनके प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करेंगे।

उन्होंने बताया कि भीम ज्योति उत्सव के अंतर्गत राजधानी के विभिन्न स्थानों पर व्यापक स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें समाज के सभी वर्गों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगा। यह आयोजन केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि बाबा साहेब के विचारों, संविधान की मूल भावना और सामाजिक समरसता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का एक सशक्त अभियान है।

इस कार्यक्रम श्रृंखला के अंतर्गत पुष्पांजलि, जनभागीदारी आधारित गतिविधियाँ, “संविधान मेला, प्रदर्शनी, जागरूकता अभियान, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ, वॉकाथॉन, इंटरैक्टिव सत्र, कार्यशालाएं, प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताएँ तथा कला प्रदर्शनियों का आयोजन किया जाएगा। इन कार्यक्रमों के माध्यम से विशेष रूप से युवाओं और विद्यार्थियों को संविधान, उनके अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक किया जाएगा।

‘संविधान मेला’ इस आयोजन का प्रमुख आकर्षण होगा, जिसमें विभाग की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं—जैसे छात्रवृत्ति, पेंशन, दिव्यांगजन योजनाएं एवं कौशल विकास कार्यक्रम—की जानकारी प्रदर्शनी स्टॉल के माध्यम से दी जाएगी। इसके साथ ही डिजिटल वॉल के माध्यम से बाबा साहेब के जीवन एवं संविधान निर्माण की इंटरैक्टिव टाइमलाइन प्रदर्शित की जाएगी।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के अंतर्गत पारंपरिक दलों द्वारा अम्बेडकरवादी लोकगीत, बाबा साहेब के जीवन एवं विचारों पर आधारित नाट्य प्रस्तुतियां तथा समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत संस्थानों के निवासियों एवं स्वयंसेवी संगठनों द्वारा विविध प्रस्तुतियां दी जाएंगी। “भीम ज्योति” स्थापना इस आयोजन का विशेष आकर्षण होगी, जो ज्ञान के प्रकाश का प्रतीक एक विशेष लाइट इंस्टॉलेशन के रूप में स्थापित की जाएगी।

मंत्री ने बताया कि इस आयोजन के अंतर्गत एक विशेष गैलरी स्थापित की जाएगी, जिसमें 299 प्रमुख व्यक्तियों की सूची, उनके योगदान से संबंधित साहित्य एवं महत्वपूर्ण जानकारी प्रदर्शित की जाएगी। साथ ही संविधान से जुड़े नियमों, अधिनियमों और प्रावधानों की विस्तृत जानकारी भी दी जाएगी।

इसके साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से बाबा साहेब के जीवन, उनके संघर्ष और उनके विचारों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव

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