विजेंद्र गुप्ता ने ‘समवर्तन संस्कार’ में शामिल होकर ‘यज्ञशाला एवं छात्रावास’ का किया उद्घाटन
नई दिल्ली, 26 मार्च (हि.स.)। दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने आज आर्ष गुरुकुल टटेसर (जौन्ती) में आयोजित ‘समवर्तन संस्कार’ (दीक्षांत समारोह) और नवनिर्मित ‘यज्ञशाला एवं छात्रावास’ का उद्घाटन किया। उन्होंने उपस्थित आचार्य, विद्वतजनों, गुरुकुल परिवार, मातृशक्ति एवं ब्रह्मचारियों को संबोधित करते हुए भारतीय संस्कृति एवं गुरुकुल परंपरा के महत्व को रेखांकित किया।
विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि यह दिन न केवल गुरुकुल परिवार के लिए, बल्कि संपूर्ण सनातन संस्कृति और भारतीय शिक्षा पद्धति के लिए अत्यंत गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि आधुनिकता की अंधी दौड़ में जब समाज अपनी जड़ों से दूर होता जा रहा है, ऐसे समय में आर्ष गुरुकुल, टटेसर (जौन्ती) जैसे संस्थान भारतीय संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन में प्रकाश स्तंभ की भूमिका निभा रहे हैं।
विजेंद्र गुप्ता ने गुरुकुल परिसर, गौशाला एवं योग साधना का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां का वातावरण भारतीय जीवन दर्शन का सजीव उदाहरण प्रस्तुत करता है। उन्होंने कहा कि ‘शिक्षा’ और ‘दीक्षा’ का वास्तविक संगम केवल गुरुकुलों में ही संभव है, जहां विद्यार्थियों को केवल पुस्तक ज्ञान ही नहीं, बल्कि जीवन मूल्यों और आचरण की भी शिक्षा प्राप्त होती है।
समवर्तन संस्कार के अवसर पर विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि आज दीक्षांत प्राप्त कर जीवन के नए चरण में प्रवेश करने वाले छात्रों के कंधों पर समाज और राष्ट्र के प्रति बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे गुरुकुल में प्राप्त संस्कारों एवं अपने गुरुओं के उपदेशों को जीवन में आत्मसात करें और समाज सेवा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दें।
नव-निर्मित यज्ञशाला के उद्घाटन पर उन्होंने कहा कि यह केवल एक भौतिक संरचना नहीं, बल्कि विचारों की शुद्धि और ‘इदं न मम’ की भावना को सुदृढ़ करने का केंद्र है, जो समाज कल्याण की भावना को प्रोत्साहित करता है। साथ ही नए छात्रावास के निर्माण से दूरदराज क्षेत्रों से आने वाले विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे वे शिक्षा प्राप्त करने में अधिक सक्षम बनेंगे।
विधानसभा अध्यक्ष ने महर्षि सांदीपनि राष्ट्रीय वेद विद्या प्रतिष्ठान से संबद्ध इस संस्थान द्वारा वेद ज्ञान के प्रसार के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने आचार्य जितेंद्र जी एवं समस्त गुरुकुल परिवार को इस उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए कहा कि ऐसे संस्थान संस्कारवान एवं उत्तरदायी नागरिकों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव

