नेता की पत्नी बनकर कारोबारी से 1.69 लाख की ठगी, 25 मामलों का आरोपित गिरफ्तार

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नई दिल्ली, 28 सितंबर (हि.स.)। प्रभावशाली नेता की पत्नी बनकर द्वारका के एक कारोबारी से 1.69 लाख रुपये ठगने के आरोप में द्वारका जिला पुलिस की एंटी नारकोटिक्स सेल ने गुरुग्राम से 44 वर्षीय भलिंदर पाल सिंह को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, आरोपित के खिलाफ पहले से ठगी, पहचान छिपाने और रंगदारी समेत करीब 25 आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह चार मामलों में भगोड़ा घोषित है, जबकि चार अन्य मामलों में उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी हैं।

पुलिस के अनुसार, आरोपित कई फर्जी नामों से लोगों को प्रभावित कर ठगी करता था। इस बार उसने खुद को एक प्रमुख राजनेता का जीवनसाथी बताकर ग्लेशियर हॉलीडेज प्राइवेट लिमिटेड, सेक्टर-6 द्वारका के मालिक इंदर सिंह नागपाल को निशाना बनाया।

पुलिस को दी शिकायत में कारोबारी ने बताया कि 11 सितंबर को उन्हें एक मोबाइल नंबर से फोन आया। कॉल करने वाले ने खुद को एक प्रमुख नेता का जीवनसाथी बताते हुए कहा कि एक छात्र की फीस तत्काल जमा करनी है और रकम देने वाला व्यक्ति छुट्टी पर है। उसने भरोसा दिलाया कि बाद में उसके कार्यालय से रकम वापस करा दी जाएगी।

आरोपित ने वॉट्सऐप कॉल और संदेश भी किए। उसके वॉट्सऐप प्रोफाइल पर अशोक स्तंभ का लोगो लगा हुआ था। इससे कारोबारी को उसके सरकारी या प्रभावशाली व्यक्ति होने का भ्रम हुआ। इसके बाद कारोबारी ने अलग-अलग बैंक खातों में कुल 1,69,389 रुपये भेज दिए। आरोपित के कहने पर दिल्ली से लखनऊ की एयर इंडिया की टिकट भी बुक कराई गई।

शिकायत के आधार पर द्वारका साउथ थाने में 13 सितंबर को एफआईआर संख्या 266/2026 दर्ज की गई। पुलिस ने बीएनएस की धारा 319(2), 318(4) और 61(2) के तहत मामला दर्ज किया।

जांच में सामने आया कि आरोपित ने फर्जी पहचान के आधार पर सिम कार्ड लिया था और उसी से वॉट्सऐप अकाउंट बनाया था। सिम लेते समय उसने अधूरा पता दिया था। पुलिस ने सेक्टर-43, गुरुग्राम में दिए गए पते की तलाश की, लेकिन शुरुआती जांच में उसका ठिकाना नहीं मिल सका।

इसके बाद पुलिस ने वॉट्सऐप अकाउंट बनाने के दौरान इस्तेमाल हुए इंटरनेट कनेक्शन का आईपी एड्रेस हासिल कर संबंधित टेलीकॉम कंपनी से जानकारी ली। तकनीकी जांच से मिले नंबर के आधार पर पुलिस ने गुरुग्राम में करीब 120 घरों की जांच की। आखिरकार आरोपित सेक्टर-43 में जसराज़ सहगल के नाम से रहता मिला और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

तलाशी के दौरान पुलिस को आरोपित के पास एक ही नंबर वाले दो आधार कार्ड मिले। पूछताछ में उसकी असली पहचान भलिंदर पाल सिंह के रूप में सामने आई। उसके पास से वह मोबाइल फोन भी बरामद हुआ, जिसमें अशोक स्तंभ का लोगो लगाकर वॉट्सऐप अकाउंट चलाया जा रहा था।

पुलिस के मुताबिक, लोगों पर प्रभाव डालने के लिए आरोपित ने किराये पर स्कॉर्पियो-एन कार भी ली थी। कार मालिक को उसने आदित्य पटेल के नाम का फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस और आधार कार्ड दिया था।

जांच में पुलिस को पता चला कि आरोपित पहले पंजाब में प्रभावशाली लोगों को निशाना बनाता था। इसके बाद हरियाणा और फिर दिल्ली-एनसीआर में ठगी का नेटवर्क फैलाया। पुलिस के अनुसार, पुराने मामलों में वह कभी खुद को भटिंडा का मेयर, कभी जालंधर के विधायक का पीए और कभी सांसदों का रिश्तेदार बताकर लोगों को प्रभावित करता था।

आरोपित के पास से स्कॉर्पियो-एन कार, दो मोबाइल फोन और एक चेकबुक बरामद की गई है। अदालत में पेश किए जाने के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस ने उसके पुराने मामलों की जानकारी संबंधित एसएसपी और डीसीपी को भेज दी है। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इसी तरीके से उसने और कितने लोगों को ठगी का शिकार बनाया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी

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