अभाविप ने निकाला छात्र सुरक्षा मार्च, निगमायुक्त के इस्तीफे की मांग
नई दिल्ली, 08 सितंबर (हि.स.)। सत्य निकेतन में हुई दुखद घटना के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) दिल्ली ने मंगलवार को दिल्ली विश्वविद्यालय में ‘छात्र सुरक्षा मार्च’ निकाला। मार्च डीयू के रग्बी मैदान से शुरू होकर आर्ट्स फैकल्टी तक पहुंचा। इसमें दिल्ली विश्वविद्यालय के विभिन्न कॉलेजों से आए हजारों विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया।
मार्च के दौरान विद्यार्थियों ने छात्र सुरक्षा को लेकर प्रशासन की जवाबदेही तय करने की मांग उठाई। ‘आखिर कब तक?’ के सवाल के साथ अभाविप ने दिल्ली विश्वविद्यालय और आसपास के विद्यार्थी-बहुल क्षेत्रों में संचालित सभी पीजी का तत्काल सुरक्षा एवं संरचनात्मक ऑडिट कराने की मांग की। संगठन ने सत्य निकेतन हादसे के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की भी मांग की।
अभाविप ने कहा कि विद्यार्थियों को पर्याप्त और सुरक्षित हॉस्टल उपलब्ध कराए जाने चाहिए, ताकि उन्हें मजबूरी में असुरक्षित पीजी या किराये के भवनों में रहने के लिए विवश न होना पड़े। संगठन ने दिल्ली विश्वविद्यालय में छात्रावासों की संख्या बढ़ाने और नए हॉस्टल बनाने की दिशा में तत्काल ठोस कदम उठाने की मांग की। साथ ही सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले पीजी संचालकों और भवन मालिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी की गई।
अभाविप ने कहा कि सत्य निकेतन की घटना को महज हादसा मानकर आगे नहीं बढ़ा जा सकता। यह प्रशासनिक लापरवाही का गंभीर मामला है और इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। संगठन ने मामले में निगमायुक्त की जवाबदेही तय करते हुए उनके इस्तीफे की मांग की।
अभाविप के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने कहा कि दिल्ली में देशभर से विद्यार्थी पढ़ने आते हैं और उनके लिए सुरक्षित आवास उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है। सत्य निकेतन की घटना ने व्यवस्था की गंभीर कमियों को उजागर किया है। उन्होंने कहा कि अब केवल जांच और आश्वासन से काम नहीं चलेगा, बल्कि जिम्मेदारी तय करनी होगी।
अभाविप दिल्ली के प्रदेश मंत्री सार्थक शर्मा ने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय के हजारों विद्यार्थी छात्र सुरक्षा के सवाल को लेकर सड़क पर उतरे हैं। उन्होंने कहा कि सत्य निकेतन जैसी घटना की पुनरावृत्ति रोकने के लिए हर पीजी का सुरक्षा ऑडिट कराया जाना चाहिए और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने डीयू में हॉस्टल की कमी दूर करने की भी मांग की।
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ अध्यक्ष आर्यन मान ने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा और पर्याप्त छात्रावासों की मांग नई नहीं है। अभाविप और डूसू लंबे समय से इन मुद्दों को उठाते रहे हैं। उन्होंने कहा कि नए छात्रावासों के निर्माण और मौजूदा हॉस्टलों की क्षमता बढ़ाने की मांग को मजबूती से आगे बढ़ाया जाएगा। विद्यार्थियों को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराना प्राथमिकता है और सत्य निकेतन जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए पीजी व किराये के भवनों की सुरक्षा व्यवस्था में सुधार तथा प्रशासन की जवाबदेही सुनिश्चित कराने के लिए संघर्ष जारी रहेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी

