अभाविप की एसईआरयू यात्रा: दिल्ली में हुआ लद्दाख के युवाओं का स्वागत
नई दिल्ली, 26 फ़रवरी (हि.स.)। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) दिल्ली के कार्यकर्ताओं ने अभाविप के चलाये जा रहे प्रकल्प ‘स्टूडेंट एक्सपीरियंस इन रीजनल अंडरस्टैंडिंग’ (एसईआरयू) के अंतर्गत गुरुवार को लद्दाख से आए प्रतिनिधियों का इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर स्वागत किया।
स्वागत के उपरांत सभी 30 प्रतिनिधि जिनमें 19 छात्र और 11 छात्राएं शामिल हैं को दिल्ली विधानसभा भ्रमण के लिए ले जाया गया, जहां सभी प्रतिनिधियों का विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता के साथ सार्थक संवाद हुआ। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने प्रतिनिधियों को दिल्ली विधानसभा के इतिहास से अवगत कराया।
दिल्ली विधानसभा के बाद लद्दाख से आये प्रतिनिधि दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ कार्यालय पहुंचे, जहां अभाविप नीत दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ के प्रतिनिधियों ने उनका स्वागत किया। इसके बाद दिल्ली विश्वविद्यालय के ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण इन छात्रों को कराया गया। इस दौरान विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने उन्हें दिल्ली विश्वविद्यालय में लघु भारत का दर्शन कराया जहां देशभर से आने वाले विद्यार्थी एक साथ अध्ययन करते हैं।
अभाविप दिल्ली के प्रदेश मंत्री सार्थक शर्मा ने कहा कि अभाविप का एसईआरयू प्रकल्प लद्दाख के छात्रों को भारत के विभिन्न हिस्सों की लोक-परम्पराओं को नजदीक से देखने और समझने का अवसर दे रहा है। इस पहल के माध्यम से छात्र विभिन्न राज्यों की जीवनशैली को जानेंगे, जिससे उनके दृष्टिकोण का विस्तार होगा। उन्होंने कहा कि यह यात्रा केवल एक शैक्षणिक भ्रमण नहीं, अपितु विद्यार्थियों के बीच आपसी संवाद, सहयोग और राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ करने का एक सशक्त माध्यम है। अभाविप का उद्देश्य केवल छात्रों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाना ही नहीं, बल्कि उन्हें राष्ट्र और समाज की समग्र समझ विकसित करने के लिए भी प्रेरित करना है।
उल्लेखनीय है कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) वर्ष 1990 से लद्दाख में सक्रिय रूप से कार्यरत है। अभाविप का उद्देश्य लद्दाख के छात्रों को संपूर्ण भारत की संस्कृति से परिचित कराना एवं उनकी स्थानीय संस्कृति को देशभर में प्रचारित करना है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए, वर्ष 1991 में ‘स्टूडेंट एक्सपीरियंस इन रीजनल अंडरस्टैंडिंग’ (एसईआरयू) यात्रा की शुरुआत की गई। इस यात्रा के अंतर्गत लद्दाख के छात्रों को देश के विभिन्न राज्यों में भ्रमण हेतु भेजा जाता है, जहां उन्हें स्थानीय परिवारों के साथ ठहराया जाता है। यह यात्रा लद्दाख के युवाओं को भारत की विविध लोक-परंपराओं और सामाजिक संरचना को समझने का अवसर प्रदान करती है। यह यात्रा छात्रों को न केवल विभिन्न राज्यों की भौगोलिक और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि से परिचित करती है, बल्कि उन्हें प्रशासनिक व्यवस्था, उच्च शिक्षा संस्थानों और सांस्कृतिक धरोहरों के महत्व को भी समझने का अवसर देती है।
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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी

