डीयू रोजगार मेले में एसओएल छात्रों को शामिल न किए जाने के खिलाफ अभाविप का प्रदर्शन
नई दिल्ली, 20 मार्च (हि.स.)। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) की दिल्ली विश्वविद्यालय इकाई ने विश्वविद्यालय के रोजगार मेले में मुक्त शिक्षा विद्यालय (एसओएल) के विद्यार्थियों को शामिल न करने के निर्णय के विरोध में शुक्रवार को अधिष्ठाता छात्र कल्याण (डीएसडब्ल्यू) कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। बाद में अभाविप ने अधिष्ठाता छात्र कल्याण को ज्ञापन सौंपा।
अभाविप ने विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा एसओएल के छात्रों को रोजगार मेले से बाहर रखने को भेदभावपूर्ण और छात्र हितों के विरुद्ध बताया। उन्होंने कहा कि एसओएल के विद्यार्थी भी विश्वविद्यालय का अभिन्न हिस्सा हैं और उन्हें समान अवसर मिलना चाहिए।
अभाविप ने बताया कि दिल्ली विश्वविद्यालय ने 20 मार्च को छात्रों के लिए एक केंद्रीकृत रोजगार मेले का आयोजन किया। विश्वविद्यालय द्वारा जारी किए गए दिशानिर्देश में यह लिखा गया था कि एसओएल के छात्र इस मेले के लिए योग्य नहीं है। उन्होंने इसके विरोध में आज आंदोलन किया और अधिष्ठाता छात्र कल्याण को ज्ञापन सौंपा। अधिष्ठाता प्रो रंजन त्रिपाठी ने कार्यकर्ताओं को ये आश्वासन दिया कि जो भी एसओएल के छात्र इस रोजगार मेले में आना चाहते है उनको आने की अनुमति देंगे और भविष्य में ऐसी समस्या किसी भी छात्र के साथ आने नहीं देंगे।
अभाविप के दिल्ली विश्वविद्यालय इकाई मंत्री अक्षय प्रताप सिंह ने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय का यह निर्णय अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और अन्यायपूर्ण है। एस.ओ.एल के विद्यार्थी भी समान रूप से प्रतिभाशाली हैं और उन्हें रोजगार के अवसरों से वंचित करना उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ है। अभाविप इस प्रकार के किसी भी भेदभाव को सहन नहीं करेगी आज प्रशासन ने एसओएल के छात्रों रोजगार मेले में जाने की जो अनुमति दिया है। उन्होंने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि यह छात्र समुदाय की जीत है।
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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी

