श्रीजगन्नाथ, भगवान बलभद्र एवं माता सुभद्रा की रथयात्रा के पावन पर्व पर अभाविप ने दी शुभकामनाएं
नई दिल्ली, 16 जुलाई (हि.स.)। विश्व के सर्वाधिक आनंदमय एवं जनभागीदारी वाले आध्यात्मिक उत्सवों में से एक भगवान श्रीजगन्नाथ, भगवान बलभद्र एवं माता सुभद्रा की रथयात्रा के शुभारंभ पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने सभी देशवासियों एवं श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दी। यह दिव्य पर्व भारतीय संस्कृति के समरसता, सेवा, श्रद्धा, लोकमंगल एवं सामाजिक एकात्मता के शाश्वत मूल्यों का जीवंत प्रतीक है। महाप्रभु श्रीजगन्नाथ की रथयात्रा समाज के प्रत्येक वर्ग को जोड़ते हुए सेवा, समर्पण एवं सामाजिक सहभागिता का अनुपम संदेश देती है तथा भारतीय सांस्कृतिक चेतना को सशक्त बनाने का माध्यम है।
संगठन ने बताया कि सेवा भावना को आत्मसात करते हुए अभाविप के 1,200 से अधिक विद्यार्थी कार्यकर्ता रथयात्रा के दौरान सात प्रकार के सेवा कार्यों में लगे हुए हैं। स्टूडेंट्स फॉर सेवा (एसएफएस) के माध्यम से विविध सेवा गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है, वहीं स्टूडेंट्स फॉर डेवलपमेंट (एसएफडी) के माध्यम से मुख्य मार्ग पर स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है। मेडिविजन द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण की व्यवस्था की गई है तथा फार्माविजन एवं जिज्ञासा के माध्यम से आवश्यक औषधियों का वितरण किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त 321 छात्राओं द्वारा जिला अस्पताल के बाहर 'एम्बुलेंस कॉरिडोर' बनाकर श्रद्धालुओं एवं मरीजों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने में सहयोग दिया जा रहा है। वहीं, विद्यार्थी कार्यकर्ताओं ने महाप्रभु श्रीजगन्नाथ के रथ के दोनों ओर मानव श्रृंखला बनाकर रथयात्रा के सुचारु एवं सुरक्षित संचालन में भी योगदान दिया है।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेन्द्र सिंह सोलंकी ने कहा कि महाप्रभु श्रीजगन्नाथ की रथयात्रा भारतीय संस्कृति में सेवा, समरसता और लोककल्याण की चिरंतन परंपरा का दिव्य उत्सव है। भगवान श्रीजगन्नाथ, भगवान बलभद्र एवं माता सुभद्रा का यह पावन पर्व हमें समाज के प्रत्येक व्यक्ति के प्रति संवेदनशील होकर सेवा का भाव विकसित करने की प्रेरणा देता है।
उन्होंने कहा कि अभाविप के लिए सेवा संगठन के कार्य का अभिन्न अंग है, इसी भावना के साथ हमारे विद्यार्थी कार्यकर्ता रथयात्रा में श्रद्धालुओं की सहायता हेतु विभिन्न सेवा कार्यों में समर्पित भाव से जुटे हैं।
वीरेन्द्र सिंह सोलंकी ने सभी के लिए महाप्रभु से प्रार्थना की है कि यह पावन अवसर समस्त राष्ट्र के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और सामाजिक समरसता का संचार करे तथा भारत को विकसित, सक्षम और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध राष्ट्र बनाने के हमारे सामूहिक संकल्प को और अधिक सुदृढ़ करे।
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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी

