अभाविप ने परीक्षा व भर्ती में अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन तेज किया

WhatsApp Channel Join Now
अभाविप ने परीक्षा व भर्ती में अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन तेज किया


नई दिल्ली, 06 अगस्त (हि.स.)। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने प्रतियोगी परीक्षाओं, प्रवेश परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितता, प्रश्नपत्र लीक तथा भ्रष्टाचार के विरोध में देशभर में अपना आंदोलन तेज कर दिया है। संगठन ने कहा कि झारखंड, कर्नाटक, पंजाब, बिहार समेत कई राज्यों में परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और संस्थागत सुधार की मांग को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन चलाया जा रहा है।

अभाविप ने गुरुवार को जारी बयान में कहा कि प्रत्येक परिश्रमी विद्यार्थी को निष्पक्ष, पारदर्शी और विश्वसनीय परीक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराना सरकारों और परीक्षा एजेंसियों की जिम्मेदारी है। संगठन का आरोप है कि कई राज्यों में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं से विद्यार्थियों का विश्वास प्रभावित हुआ है।

परिषद के अनुसार, पंजाब में विधानसभा घेराव के दौरान प्रश्नपत्र लीक और भर्ती अनियमितताओं के विरोध में प्रदर्शन कर रहे अभाविप कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने लाठीचार्ज और वाटर कैनन का प्रयोग किया। संगठन ने दावा किया कि इस कार्रवाई में कई कार्यकर्ता गंभीर रूप से घायल हुए। अभाविप ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय बताते हुए पंजाब सरकार पर प्रशासनिक संवेदनहीनता का आरोप लगाया।

संगठन के अनुसार, कर्नाटक के हुब्बली में केपीएससी प्रकरण की सीबीआई जांच, भर्ती अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच तथा रिक्त शिक्षकीय पदों पर शीघ्र नियुक्तियों की मांग को लेकर प्रदर्शन किया गया। बिहार में पटना विश्वविद्यालय की लॉ प्रवेश परीक्षा-2026 के कथित प्रश्नपत्र लीक मामले की उच्चस्तरीय एवं समयबद्ध जांच की मांग उठाई गई, जबकि झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में विद्यार्थी आक्रोश मार्च निकालकर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई और परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग की गई।

अभाविप ने बताया कि तेलंगाना के वारंगल में लंबित फीस प्रतिपूर्ति और छात्रवृत्ति भुगतान, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में फीस वृद्धि तथा मध्य प्रदेश में प्रस्तावित निजी विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक-2026 के विरोध में भी विभिन्न स्थानों पर आंदोलन जारी हैं।

अभाविप के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने कहा कि परीक्षा और भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता का मुद्दा केवल कुछ राज्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देशभर के लाखों विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ा विषय है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई स्थानों पर सरकारों ने संवाद स्थापित करने के बजाय शांतिपूर्ण आंदोलनों पर दमनात्मक कार्रवाई की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के न्याय, पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था, जवाबदेह संस्थागत तंत्र और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए अभाविप का लोकतांत्रिक संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी

Share this story