अभाविप नीत डूसू ने प्रस्तुत किया एक वर्ष की उपलब्धियों का ब्योरा
नई दिल्ली, 25 अगस्त (हि.स.)। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) नीत दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ ने मंगलवार को अपने एक वर्ष के कार्यकाल की उपलब्धियों का विस्तृत ब्योरा प्रस्तुत किया। छात्रसंघ ने कहा कि पूरे वर्ष छात्रों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए शिक्षा, परीक्षा, छात्रावास, सुरक्षा, खेल, महिला सशक्तिकरण, मानसिक स्वास्थ्य, किफायती भोजन और मूलभूत सुविधाओं से जुड़े विषयों पर विभिन्न स्तरों पर पहल की गई।
अभाविप ने मंगलवार को दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ कार्यालय में पत्रकार वार्ता का आयोजन किया। इस पत्रकार वार्ता में अभाविप दिल्ली प्रदेश मंत्री सार्थक शर्मा, डूसू अध्यक्ष आर्यन मान और डूसू सचिव कुणाल चौधरी ने छात्रसंघ के एक वर्ष के कार्यकाल की प्रमुख उपलब्धियां सामने रखीं। उन्होंने बताया कि दिल्ली विश्वविद्यालय ने वर्ष 2026 के छात्रसंघ चुनाव की घोषणा कर दी है और 25 अगस्त को वर्तमान छात्रसंघ का कार्यकाल पूर्ण हो गया है।
पत्रकार वार्ता के बाद डूसू की ओर से एक ऑनलाइन वेबसाइट भी जारी की गई, जिसके माध्यम से छात्र अपनी समस्याएं छात्रसंघ तक पहुंचा सकेंगे।
छात्रसंघ ने बताया कि प्रेरणा भवन के रूप में पुस्तकालय, डूसू कार्यालय और संगणक केंद्र सहित केंद्रीय छात्र सुविधा केंद्र स्थापित करने की पहल की गई। विभिन्न महाविद्यालयों और छात्रावासों में निःशुल्क केंद्रीय वाई-फाई की व्यवस्था, छात्र सुरक्षा के लिए एक हजार से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाने की पहल तथा परीक्षा संबंधी शिकायतों के समाधान के लिए केंद्रीकृत शिकायत पोर्टल शुरू कराने में भूमिका निभाई गई।
डूसू ने बताया कि प्रश्नपत्रों में त्रुटि, परीक्षा में देरी और प्रश्नपत्र लीक होने जैसे मामलों के खिलाफ सक्रिय हस्तक्षेप किया गया। चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम पूरा करने वाले विद्यार्थियों के लिए स्नातकोत्तर सीटों में वृद्धि की मांग को लेकर आंदोलन किया गया, जिसके बाद सीटों की संख्या में तीन गुना से अधिक वृद्धि होने का दावा किया गया। छात्रावास, अग्नि सुरक्षा और आधारभूत ढांचे से जुड़े 12 प्रमुख मुद्दों को लेकर छात्र अधिकार मार्च भी निकाला गया।
छात्रसंघ ने उत्तर-पूर्व के विद्यार्थियों की समस्याओं और सांस्कृतिक सहभागिता के लिए उत्तर-पूर्व विद्यार्थी प्रकोष्ठ, छात्राओं की नेतृत्व क्षमता बढ़ाने के लिए ‘एक दिन, एक डूसू अध्यक्ष’ पहल तथा विद्यार्थियों को खेलों से जोड़ने के लिए खेल सुविधाओं और प्रतियोगिताओं को बढ़ावा देने की बात कही। छात्रावासों के संबंध में केंद्रीकृत छात्रावास व्यवस्था शुरू करने तथा सरामती और विश्वविद्यालय महिला छात्रावास में स्वच्छता, पानी और रखरखाव से जुड़े मुद्दों पर हस्तक्षेप का भी उल्लेख किया गया।
छात्रों को सस्ता और सुलभ भोजन उपलब्ध कराने के लिए अटल कैंटीन, छात्राओं के लिए सुरक्षित परिवहन की दिशा में महिला विशेष बसों, मानसिक स्वास्थ्य और शारीरिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता के लिए मानसिक स्वास्थ्य पदयात्रा तथा सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए गुलाबी सहायता केंद्र, चौबीस घंटे पुलिस नियंत्रण कक्ष की गश्त और अंधेरे क्षेत्रों में प्रकाश व्यवस्था जैसे विषयों पर पहल का दावा किया गया।
इसके अलावा संगीत, नाटक और नुक्कड़ प्रस्तुतियों के लिए ‘मदारी’, छात्राओं के सशक्तिकरण और सहभागिता के लिए ‘स्वयंसिद्धा’, सांस्कृतिक आयोजन के रूप में डांडिया रात्रि और संगीत तथा आध्यात्मिकता से जुड़ी ‘भजन संध्या’ जैसी गतिविधियों का आयोजन किया गया। पुनर्मूल्यांकन शुल्क को दो हजार रुपये से घटाकर पांच सौ रुपये किए जाने की पहल, डूसू की डिजिटल सूचना एवं संसाधन व्यवस्था तथा विद्यार्थियों के लिए विभिन्न अवसर उपलब्ध कराने पर भी छात्रसंघ ने अपनी उपलब्धियां गिनाईं।
डूसू के अनुसार, ‘महान डूसू प्रशिक्षण’ के तहत दिल्ली विश्वविद्यालय के एक हजार से अधिक विद्यार्थियों को 13 अलग-अलग क्षेत्रों में प्रशिक्षण के अवसर उपलब्ध कराए गए। वहीं विधि संकाय के विद्यार्थियों के लिए डॉ. भीमराव आंबेडकर विधि प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से 1300 से अधिक विद्यार्थियों को दिल्ली के विभिन्न न्यायालयों में प्रशिक्षण दिलाने का दावा किया गया।
डूसू अध्यक्ष आर्यन मान ने कहा कि अभाविप नीत डूसू ने अपने कार्यकाल में छात्रसंघ को केवल चुनावी संस्था के रूप में नहीं, बल्कि छात्रों की आवाज और उनके अधिकारों के मंच के रूप में स्थापित करने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि परीक्षा, छात्रावास, सुरक्षा, खेल या मूलभूत सुविधा से जुड़ी समस्या हो, डूसू उसके समाधान के लिए प्रतिबद्ध रहा। आर्यन मान के अनुसार, इस वर्ष डूसू ने अप्रत्यक्ष रूप से आठ हजार से अधिक और सामाजिक माध्यमों के जरिए प्रत्यक्ष रूप से छह हजार से अधिक छात्रों की समस्याओं के समाधान में भूमिका निभाई।
अभाविप दिल्ली प्रदेश मंत्री सार्थक शर्मा ने कहा कि अभाविप नीत डूसू ने यह साबित किया है कि छात्र राजनीति केवल चुनाव, नारों और विरोध तक सीमित नहीं है। छात्रों की समस्याओं को समझना, प्रशासन के समक्ष मजबूती से रखना और समाधान होने तक लगातार प्रयास करना छात्र नेतृत्व की वास्तविक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी परिषद ने पूरे वर्ष प्रवेश, परीक्षा, पाठ्यक्रम, परिसर और परिणाम इन पांच प्रमुख विषयों पर काम किया और एक वर्ष के कार्यकाल की उपलब्धियां इसी प्रयास का परिणाम हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी

