राष्ट्रमंडल संसदीय सम्मेलन के लिए विजेंद्र गुप्ता केपटाउन रवाना हुए

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राष्ट्रमंडल संसदीय सम्मेलन के लिए विजेंद्र गुप्ता केपटाउन रवाना हुए


नई दिल्ली, 12 सितंबर (हि.स.)। दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता शनिवार को दक्षिण अफ्रीका के केपटाउन के लिए रवाना हुए, जहां वे 13 से 18 सितंबर तक आयोजित होने वाले 69वें राष्ट्रमंडल संसदीय सम्मेलन (सीपीसी) में शामिल होंगे। सम्मेलन की मेजबानी दक्षिण अफ्रीका की संसद और सीपीए दक्षिण अफ्रीका शाखा द्वारा की जा रही है। सम्मेलन का आयोजन “बदलती विश्व व्यवस्था में अंतरराष्ट्रीय कानून और संसदीय लोकतंत्र को सुदृढ़ करना: राष्ट्रमंडल नेतृत्व” विषय के तहत किया जा रहा है। यह जानकारी आज एक बयान में दी गई।

सम्मेलन में राष्ट्रमंडल देशों की संसदों के अध्यक्ष, पीठासीन अधिकारी, सांसद तथा संसदीय अधिकारी भाग लेंगे और लोकतांत्रिक विधायिकाओं के समक्ष मौजूद समकालीन चुनौतियों पर विचार-विमर्श करने के साथ-साथ संसदीय लोकतंत्र तथा अंतरराष्ट्रीय सहयोग को सुदृढ़ करने के उपायों पर चर्चा करेंगे। दिल्ली विधानसभा के उपाध्यक्ष मोहन सिंह बिष्ट भी इस सम्मेलन में शामिल होंगे।

सम्मेलन के दौरान अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता “क्षमता की कमी से जूझ रही संसदों में समावेशिता के उपायों को लागू करना” विषय पर आयोजित सत्र की अध्यक्षता करेंगे। वे “संसदों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता: वर्तमान अनुप्रयोग, संभावनाएं और कार्यान्वयन की रणनीतियां” विषय पर कार्यशाला को भी संबोधित करेंगे। इस दौरान वे विधायी संस्थानों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बढ़ते उपयोग, संसदीय अनुसंधान और संस्थागत सूचनाओं तक पहुंच को सुदृढ़ करने में इसकी क्षमता तथा इसके जिम्मेदाराना कार्यान्वयन से जुड़ी व्यावहारिक चुनौतियों पर अपने विचार रखेंगे। गुप्ता इस बात पर जोर देंगे कि जैसे-जैसे विधायिकाएं उभरती प्रौद्योगिकियों को अपना रही हैं, वैसे-वैसे सटीकता, पारदर्शिता, जवाबदेही, डेटा की शुचिता और संसदीय निगरानी सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है।

विजेंद्र गुप्ता “राष्ट्रमंडल के लिए नए नेतृत्व के अवसर: लोकतंत्र और अंतरराष्ट्रीय कानून को सुदृढ़ करने के लिए संसदीय कार्रवाई” तथा “मानवाधिकारों की रक्षा और शांति को बढ़ावा देना: संसदों की भूमिका” विषयों पर भी अपने विचार रखेंगे। इन सत्रों के माध्यम से वे लोकतांत्रिक संस्थाओं को सुदृढ़ करने, संवैधानिक एवं संसदीय मूल्यों को बनाए रखने, अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने, मानवाधिकारों की रक्षा करने और शांति में योगदान देने में विधायिकाओं की जिम्मेदारी पर प्रकाश डालेंगे। सम्मेलन के व्यापक कार्यक्रम में समावेशी एवं निष्पक्ष व्यापार, असमानता और अविकास, दिव्यांगजनों की पहुंच एवं समावेशन, जलवायु अनुकूलन एवं लचीलेपन में संसदीय नेतृत्व तथा कानून बनने के बाद उसकी समीक्षा और जनता के साथ संसद के जुड़ाव को सुदृढ़ करने जैसे विषयों पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा।

राष्ट्रमंडल संसदीय सम्मेलन में अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता और उपाध्यक्ष मोहन सिंह बिष्ट की भागीदारी दिल्ली विधानसभा को राष्ट्रमंडल की अन्य विधायिकाओं के साथ संवाद करने तथा बदलती संसदीय कार्यप्रणालियों पर अनुभवों का आदान-प्रदान करने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करेगी। प्रमुख सम्मेलन सत्रों की अध्यक्षता और उनमें विजेंद्र गुप्ता के संबोधन के माध्यम से दिल्ली विधानसभा के डिजिटल विधायी परिवर्तन और एआई-सक्षम नवाचार के अनुभव को अंतरराष्ट्रीय संसदीय समुदाय के समक्ष रखा जाएगा। साथ ही, समावेशी संसदों, लोकतांत्रिक सुदृढ़ता, मानवाधिकारों, शांति और अंतरराष्ट्रीय कानून से जुड़े व्यापक विमर्श में योगदान देते हुए राष्ट्रमंडल के देशों के बीच संस्थागत संवाद और संसदीय सहयोग को और मजबूत किया जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव

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