एविएशन एवं टूरिज्म समिट में पर्यटन क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले लोगों का हुआ सम्मान

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एविएशन एवं टूरिज्म समिट में पर्यटन क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले लोगों का हुआ सम्मान


नई दिल्ली, 26 मार्च (हि.स.)। दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद गुरुवार को भारतीय वाणिज्य मंडल (आईसीसी) के द्वितीय आईसीसी एविएशन एवं टूरिज़्म समिट में मुख्य अतिथि के रूप मे शामिल हुए। इस कार्यक्रम में आईसीसी टूरिज़्म एक्सीलेंस अवॉर्ड्स के द्वारा पर्यटन क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों एवं संस्थानों को सम्मानित किया गया।

इस समिट एविएशन के माध्यम से पर्यटन क्षेत्र के प्रमुख नेता, नीति-निर्माता, उद्योग विशेषज्ञ ने इस क्षेत्र के विकास, नई संभावनाओं और भविष्य की रणनीतियों पर विचार-विमर्श किया। कार्यक्रम का उद्देश्य भारत, विशेष रूप से दिल्ली को वैश्विक पर्यटन एवं विमानन हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में सहयोग और नवाचार को बढ़ावा देना था। सूद ने देश-विदेश से आए विशिष्ट अतिथियों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों तथा राजधानी दिल्ली के सभी मित्रों का स्वागत किया।

सूद ने विशिष्ट अतिथि, नागरिक उड्डयन महानिदेशक, भारत सरकार फैज अहमद किदवई, अमिताभ कांत, डॉ. सुधीर मिश्रा और संजय कुमार वर्मा का स्वागत करते हुए कहा कि इस मंच पर उपस्थित सभी विशिष्ट हस्तियों को मैं नमन करता हूं। इनके कार्यों ने भारत की वैश्विक पहचान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि पर्यटन की चर्चा में हम अक्सर गंतव्यों पर ध्यान केंद्रित करते हैं, लेकिन मैं आगमन के अनुभव पर जोर देना चाहता हूं। इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरते ही जो अनुभव मिलता है, वह दिल्ली की आत्मा को दर्शाता है। उन्होंने कहा की हाल ही में 18 मार्च को आईजीआई को लगातार आठवीं बार भारत और दक्षिण एशिया का सर्वश्रेष्ठ हवाई अड्डा घोषित किया गया, जो केवल दक्षता ही नहीं बल्कि शहर की सांस्कृतिक पहचान का भी प्रतीक है।

सूद ने कहा कि दिल्ली में हवाईअड्डे पर संतूर की मधुर ध्वनि और चंदन-जैस्मिन की सुगंध यात्रियों का स्वागत करती है, वहीं डिजी यात्रा जैसी आधुनिक तकनीकें यात्रा को सहज और तनावमुक्त बनाती हैं। दिल्ली में आशावाद कोई नीति नहीं, बल्कि एक अनुभव है, जो विमान के उतरते ही महसूस होता है।

सूद ने अभी हाल ही में प्रस्तुत दिल्ली के बजट के बारे में बताया की वर्ष 2026-27 के लिए 1,03,700 करोड़ रुपये का बजट एक विकसित राजधानी के निर्माण का रोडमैप है। दिल्ली की अर्थव्यवस्था 8.53 फीसद की दर से बढ़ रही है, जो राष्ट्रीय औसत से अधिक है। उन्होंने कहा कि हम दिल्ली में अपनी प्राथमिकताओं के अनुरूप निवेश कर रहे हैं। पूंजीगत व्यय बढ़ाकर 32,000 करोड़ रुपये किया गया है, जिससे सड़कों, यातायात व्यवस्था और सार्वजनिक स्थानों का व्यापक विकास किया जाएगा। किसी भी शहर की पहली छवि उसकी सड़कों से बनती है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए दिल्ली सरकार ने इस वर्ष के बजट में 12,613 करोड़ रुपये परिवहन एवं अवसंरचना के लिए आवंटित किए हैं। साथ ही 750 किलोमीटर सड़कों का व्यापक पुनर्विकास किया जा रहा है।

सूद ने कहा कि दिल्ली में विकास के कार्यों में हम मरम्मत तक सीमित नहीं हैं, बल्कि समग्र वॉल-टू-वॉल पुनर्विकास पर काम कर रहे हैं। बेहतर फुटपाथ, स्मार्ट ड्रेनेज और हरित क्षेत्र इसके प्रमुख घटक हैं। साथ ही बजट में 1,352 करोड़ रुपये शहर को धूल-मुक्त बनाने के लिए निर्धारित किए गए हैं।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि दिल्ली में पहली बार भारत मंडपम में आयोजित अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव ने दिल्ली को वैश्विक रचनात्मक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में नई पहचान दी है। उन्होंने कहा कि हम ‘विरासत भी, विकास भी’ के दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ रहे हैं। चांदनी चौक स्थित 160 वर्ष पुराने टाउन हॉल का पुनर्विकास कर उसे वैश्विक विरासत केंद्र बनाया जा रहा है, साथ ही ‘दिल्ली हाउस’ का निर्माण भी प्रस्तावित है।

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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव

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