ट्रांस-यमुना बोर्ड की बैठक में 1090 नए विकास प्रस्तावों पर विचार, 110 करोड़ जारी

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ट्रांस-यमुना बोर्ड की बैठक में 1090 नए विकास प्रस्तावों पर विचार, 110 करोड़ जारी


नई दिल्ली, 04 नवंबर (हि.स.)। 'ट्रांस-यमुना एरिया डेवलपमेंट बोर्ड' (टीवाईएडीबी) की 62वीं बैठक बुधवार को दिल्ली सचिवालय में आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता बोर्ड के अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली ने की। बैठक में विभिन्न ट्रांस यमुना निर्वाचन क्षेत्रों से 1090 नए विकास कार्यों के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इस बैठक में अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों के विधायक, दिल्ली सरकार के वरिष्ठ अधिकारी और दिल्ली नगर निगम (एमसीडी), दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) और सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग समेत विभिन्न कार्यकारी एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

बैठक में क्षेत्र में चल रहे बुनियादी ढांचे से जुड़े विकास कार्यों की प्रगति, लंबित बजट संबंधी जरूरतों और विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों से प्राप्त नए प्रस्तावों की बारीकी से समीक्षा की गई। बोर्ड को विचार और मंजूरी के लिए कुल 1090 नए विकास प्रस्ताव प्राप्त हुए। बैठक में पहले से स्वीकृत कार्यों को तेजी से पूरा करने के साथ समयबद्ध तरीके से विकास कार्यों को लागू करने के लिए संबंधित विभागों और कार्यान्वयन एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय को और अधिक मजबूत बनाने पर जोर दिया गया।

बैठक में यह भी बताया गया कि स्वीकृत विकास कार्यों के लिए पहली और दूसरी किस्त के रूप में कुल 110.10 करोड़ रुपए जारी किए जा चुके हैं। इसके साथ ही पहले से स्वीकृत कार्यों से जुड़ी बकाया वित्तीय देनदारियों की समीक्षा की गई और लंबित किस्तों को जारी करने से संबंधित प्रस्तावों पर भी विचार किया गया।

लवली ने कहा कि हमारी प्राथमिकता ट्रांस-यमुना क्षेत्र का योजनाबद्ध, संतुलित और निरंतर विकास सुनिश्चित करना है। हम अलग-अलग विधायकों के साथ चर्चा करके उनके संबंधित विधानसभा क्षेत्रों की विशेष जरूरतों को समझने और उनके द्वारा दिए गए प्रस्तावों की समीक्षा करने का प्रयास किया है। हमारा प्रयास यह सुनिश्चित करना है कि विकास कार्य लोगों की वास्तविक जरूरतों को पूरा करने के साथ उन्हें व्यवस्थित और समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए।

लवली ने कहा कि विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों की लगातार जानकारी रखने के लिए विभागीय पोर्टल का उपयोग किया जाएगा। इस पोर्टल के माध्यम से अलग-अलग कार्यान्वयन एजेंसियों द्वारा किए जा रहे कार्यों की एकीकृत जानकारी उपलब्ध होगी, जिससे परियोजनाओं की प्रगति की नियमित निगरानी में आसानी होगी। उन्होंने बुनियादी नागरिक सुविधाओं में लंबे समय से चली आ रही कमियों को दूर करने की आवश्यकता पर जोर दिया। साथ ही उन्होंने ऐसी बड़ी सार्वजनिक परिसंपत्तियों के निर्माण पर विशेष बल दिया, जिनका लाभ लोगों को लंबे समय तक मिल सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे सड़कों, पार्कों, सार्वजनिक स्थानों, फुट ओवरब्रिज और अन्य आवश्यक बुनियादी ढांचे से जुड़ी जरूरतों की एक विस्तृत सूची तैयार करें, ताकि प्राथमिकता के आधार पर इनका चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जा सके।

लवली ने यह भी कहा कि अगले वित्तीय वर्ष के मिले प्रस्तावों को बजट संबंधी विचार-विमर्श के लिए वित्त विभाग के पास भेजने से पहले संबंधित विभागों द्वारा उनकी उचित जांच और समीक्षा की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि विधायकों के साथ निर्वाचन क्षेत्र-स्तर पर परामर्श का सिलसिला जारी रहेगा, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि स्थानीय विकास की प्राथमिकताएं बोर्ड की योजना प्रक्रिया में उचित रूप से शामिल हों।

निर्वाचित जनप्रतिनिधियों और कार्यान्वयन एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल की जरूरत पर जोर देते हुए लवली ने प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर विशेष ध्यान देने और विकास कार्यों के क्रियान्वयन में आने वाली सभी बाधाओं को समय रहते दूर करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों की नियमित निगरानी और उनकी प्रगति सुनिश्चित करने के लिए बोर्ड की बैठक हर तीन महीने में एक बार आयोजित की जाएगी। इन बैठकों में प्रमुख परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की जाएगी, उनके कार्यान्वयन में आ रही चुनौतियों का आकलन किया जाएगा और विकास कार्यों को समय पर पूरा करने के लिए आवश्यक निर्णय लिए जाएंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव

Livevns.news Desk
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