संघ यात्रा के 100 वर्ष : वैचारिक चेतना और राष्ट्रबोध पर केंद्रित रहा ‘चेतना’ का सेमिनार–75.0

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संघ यात्रा के 100 वर्ष : वैचारिक चेतना और राष्ट्रबोध पर केंद्रित रहा ‘चेतना’ का सेमिनार–75.0


नई दिल्ली, 19 जनवरी (हि.स.)। चेतना एवं एसआर चेरिटेबल ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित लाला सीताराम गोयल स्मृति सेमिनार–75.0 के भव्य आयोजन का आज रोहिणी स्थित एक होटल में समापन हो गया। यह सेमिनार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की 100 वर्षों की ऐतिहासिक यात्रा को समर्पित रहा।

इस वैचारिक एवं राष्ट्र चिंतनात्मक सेमिनार में देश के प्रमुख संतों, विचारकों, सामाजिक चिंतकों, विद्वानों तथा सार्वजनिक जीवन से जुड़े प्रतिष्ठित वक्ताओं ने संघ की शताब्दी यात्रा के विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक एवं राष्ट्रनिर्माण से जुड़े आयामों पर गहन विमर्श प्रस्तुत किया। अध्यक्ष राजेश चेतन ने सभी आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सेमिनार केवल वैचारिक संवाद का मंच नहीं है, बल्कि राष्ट्रचेतना, सांस्कृतिक आत्मबोध और सनातन मूल्यों को समाज से जोड़ने की एक सतत साधना है। सेमिनार में यह भी रेखांकित किया गया कि संघ ने अपने मूल विचारों के अनुरूप समाज के प्रत्येक वर्ग को साथ जोड़ते हुए राष्ट्रनिर्माण की प्रक्रिया को निरंतर दिशा और गति प्रदान की है।

सेमिनार में स्वामी चिदानंद सरस्वती, संघ उत्तर क्षेत्र के निवर्तमान संघचालक डॉ. बजरंग लाल गुप्ता, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ रणनीतिकार सुनील विश्वनाथ देवधर, वरिष्ठ प्रचारक गोपाल आर्य, पद्मश्री मालिनी अवस्थी, उच्चतम न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता अश्वनी उपाध्याय, दिल्ली प्रान्त कार्यवाह सीए अनिल गुप्ता, वरिष्ठ सर्जन डॉ. कौशल कांत मिश्रा, विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता विजय शंकर तिवारी, एकल अभियान से राजेश गोयल, सेवानिवृत्त आईपीएस जितेन्द्र गोयल, प्रोफेसर दीप्ति धर्माणी तथा राष्ट्रीय कवि संगम से जगदीश मित्तल ने विशेष सहभागिता की।

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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी

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