सुकमा कलेक्टर को ज्ञापन साैंपकर ग्रामीणों ने लंबित मजदूरी के भुगतान की मांग
सुकमा, 07 अक्टूबर (हि.स.)। जिला के ग्राम पंचायत बोड़को के ग्रामीण पिछले पांच साल से मजदूरी के भुगतान का इंतजार कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि वर्ष 2018-19 और 2019-20 में पंचायत में तालाब, डबरी और समतलीकरण का काम की मजदूरी नहीं मिली। ग्रामीणों ने आज बुधवार काे कलेक्टर को आवेदन देकर पूरे मामले की जांच और लंबित मजदूरी का भुगतान कराने की मांग की है।
मजदूरी भुगतान की शिकायत लेकर ग्रामीण करीब 26 किलोमीटर दूर जिला मुख्यालय पहुंचे। ग्रामीण रवा देवा और माड़वी मुड़ा ने बताया कि वे ऑटो और माेटरसाइकिल से जिला मुख्यालय आए हैं। उनका कहना है कि मजदूरी की रकम उनके लिए महत्वपूर्ण है और पांच साल इंतजार के बाद अब प्रशासन से ही भुगतान की उम्मीद है।
ग्रामीणों का कहना है कि संबंधित कामों की राशि निकलने की जानकारी मिलने के बावजूद मजदूरों को उनकी मेहनत की रकम नहीं दी गई। ग्रामीणों के अनुसार पंचायत में करीब 16 लाख रुपये के तालाब निर्माण कार्य में लगभग 5 लाख रुपये, डबरी निर्माण में करीब 1.50 लाख रुपये और समतलीकरण कार्य में करीब 1.50 लाख रुपये मजदूरी का है। ग्रामीणों का कहना है कि यह राशि नगद भुगतान के लिए निकाली गई थी, लेकिन मजदूरों तक पूरी रकम नहीं पहुंची।
ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2022 में जिला पंचायत में शिकायत की थी। शिकायत के बाद उन्हें जानकारी मिली कि संबंधित कार्यों की राशि पहले ही निकाली जा चुकी है। उस समय भुगतान कराने का आश्वासन भी दिया गया था, लेकिन इसके बाद भी मजदूरी नहीं मिली। ग्रामीणों का कहना है कि वे कई बार अधिकारियों से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने तत्कालीन पंचायत सचिव कमलेश्वरी कलमू, रोजगार सहायक कलमू जोगा और तत्कालीन सरपंच मुड्या कुरामी के कार्यकाल से जुड़े भुगतान की जांच की मांग की है। उन्होंने संबंधित कार्यों के मस्टररोल, भुगतान और राशि निकासी के दस्तावेजों की जांच कराने को कहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि राशि निकाली गई है तो यह स्पष्ट किया जाए कि भुगतान किसे किया गया और मजदूरों को उनकी मेहनत की रकम क्यों नहीं मिली।
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हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे

