मतांतरित महिला का शव का अंतिम संस्कार करने से ग्रामीणों ने किया विरोध

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मतांतरित महिला का शव का अंतिम संस्कार करने से ग्रामीणों ने किया विरोध


मतांतरित महिला का शव का अंतिम संस्कार करने से ग्रामीणों ने किया विरोध


पुलिस पहुंची तो शव को मृतक के स्वजन धमतरी लाकर इसाई समुदाय के कब्रिस्तान में दफनाया

धमतरी, 17 जनवरी (हि.स.)। मतांतरित मृत महिला का शव का गांव में अंतिम संस्कार की तैयारी चल रही थी, इसे लेकर ग्रामीण व हिंदू संगठन के पदाधिकारी व सदस्यों ने जमकर विरोध किया। अंत तक अंतिम संस्कार होने नहीं दिया, इससे गांव में तनाव की स्थिति बन गई थी। खबर पाकर पुलिस गांव पहुंची, तो मृतक के स्वजन मृत महिला की शव को धमतरी लाकर इसाई समुदाय के कब्रिस्तान में दफनाया।

अर्जुनी थाना क्षेत्र के ग्राम नवागांव-कंडेल निवासी मतांतरित महिला जोरबाई साहू 85 वर्ष की मृत्यु हो गई। मृत महिला व उनके स्वजन लंबे समय से मतांतरित हैं। मौत के बाद 17 जनवरी को मृतक के स्वजन उनके अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे थे, लेकिन मृत महिला मतांतरित होने के कारण पूरा गांव महिला के शव का अंतिम संस्कार गांव में होने नहीं देने एकजुट हो गए। इसकी जानकारी हिंदू संगठन के पदाधिकारी व सदस्यों तक पहुंची, तो वे भी भीड़ में गांव पहुंचकर इसका जमकर विरोध करने लगे। अंतिम संस्कार नहीं होने देने के लिए गांव में नारेबाजी शुरू हो गई। इस बीच मतांतरित परिवार के लोग अंतिम संस्कार करने नहीं ले जा सके। गांव में तनाव की स्थिति निर्मित हो गई। खबर पाकर अर्जुनी थाना के पुलिस अधिकारी व जवान गांव पहुंचे। पंचायत में ग्रामीणों व हिंदू संगठन के पदाधिकारी व सदस्यों के बीच इसकी चर्चा हुई। इस बीच पूरा गांव मतांतरित महिला की शव का अंतिम संस्कार होने नहीं देने का निर्णय लिया, तो मतांतरित परिवार के सदस्य मृत महिला के शव को वाहन से अंतिम संस्कार के लिए धमतरी लाया। यहां पुलिस की सुरक्षा के बीच इसाई समुदाय के कबि्रस्तान में मृत महिला को दफनाया गया, तब जाकर मामला शांत हुआ।

ग्राम विकास समिति अध्यक्ष मोहित साहू, हिंदू संगठन से जुड़े घनश्याम ध्रुव और तुषार साहू ने बताया कि मृत महिला व उनके स्वजन लंबे समय से मतांतरित है। इन परिवारों को धर्म वापसी के लिए लगातार प्रयास किया गया, लेकिन वे इसाई धर्म को अपना लिया है, ऐसे में मतांतरित महिला की मौत की खबर होने पर ग्रामीणों ने उनके अंतिम संस्कार नहीं होने देने एकजुट होकर इसका विरोध किया गया। जबकि मृतक का छोटा पुत्र चाहते थे कि मां की मौत के बाद उनकी मां का अंतिम संस्कार इसाई रीति रिवाज से गांव में हो, लेकिन ग्रामीण यह सब नहीं चाहते थे। ग्रामीणों की मांग थी कि हिंदू रीति रिवाज के साथ उस मृत महिला का अंतिम संस्कार किया जाए या फिर गांव से बाहर ले जाकर महिला को दफनाया जाए। फिर भी ग्रामीण इस मतांतरित परिवार को हिंदू धर्म से जोड़ने कोशिश करेंगे।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा

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