धमतरी : पर्यटकों की सुविधा, सुरक्षा एवं पर्यटन स्थलों के समग्र विकास पर विशेष फोकस

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धमतरी : पर्यटकों की सुविधा, सुरक्षा एवं पर्यटन स्थलों के समग्र विकास पर विशेष फोकस


धमतरी : पर्यटकों की सुविधा, सुरक्षा एवं पर्यटन स्थलों के समग्र विकास पर विशेष फोकस


धमतरी, 13 जनवरी (हि.स.)। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा की अध्यक्षता में मंगलवार काे कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला पर्यटन समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों के विकास, पर्यटकों की सुविधा एवं सुरक्षा तथा पर्यटन को आर्थिक गतिविधि के रूप में सशक्त बनाने पर विस्तार से चर्चा की गई।

कलेक्टर मिश्रा ने कहा कि धमतरी जिला प्राकृतिक, धार्मिक, साहसिक, विरासत एवं वैलनेस पर्यटन की अपार संभावनाओं से परिपूर्ण है। इन स्थलों को सुनियोजित रूप से विकसित कर बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि देश-प्रदेश से अधिक संख्या में पर्यटक जिले की ओर आकर्षित हों। उन्होंने पर्यटन विकास को स्थानीय रोजगार एवं आजीविका से जोड़ने पर भी विशेष जोर दिया।

बैठक में पर्यटन स्थलों के प्रभावी प्रचार-प्रसार हेतु डिजिटल मीडिया, पर्यटन पोर्टल एवं विभागीय समन्वय से व्यापक रणनीति तैयार करने के निर्देश दिए गए। साथ ही पर्यटन स्थलों तक पहुंच मार्ग, पार्किंग, शौचालय, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, संकेतक बोर्ड, सुरक्षा प्रबंध, बचाव व्यवस्था तथा आपातकालीन स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।

अंगार मोती माता मंदिर परिसर की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए कहा गया कि श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा के लिए आवश्यक बुनियादी सुविधाओं के विस्तार हेतु प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

बैठक में डीएफओ कृष्ण जाधव, डिप्टी कलेक्टर डॉ. कल्पना ध्रुव सहित विभिन्न मंदिरों के ट्रस्टी, पर्यटन केंद्रों के प्रभारी एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

गंगरेल बांध के विकास पर विशेष चर्चा:

कलेक्टर ने गंगरेल बांध को जिले का प्रमुख पर्यटन केंद्र बताते हुए कहा कि यहां आने वाले पर्यटकों के लिए सभी मूलभूत एवं आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। उन्होंने गंगरेल बांध से अंगार मोती माता मंदिर तक बांध किनारे पाथवे निर्माण के निर्देश दिए, जिससे श्रद्धालुओं एवं सैलानियों को सुरक्षित और सुगम पैदल मार्ग उपलब्ध हो सके। साथ ही गंगरेल बांध परिसर में निर्माणाधीन चौपाटी की दुकानों की निविदा प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण कर संचालन प्रारंभ करने के निर्देश दिए, जिससे स्थानीय स्वरोजगार को बढ़ावा मिलेगा।

रुद्री–रुद्रेश्वर क्षेत्र के विकास कार्य:

रुद्री स्थित रुद्रेश्वर मंदिर के विकास कार्यों के संबंध में बताया गया कि इस क्षेत्र के लिए विस्तृत विकास योजना तैयार की गई है। रुद्री से रुद्रेश्वर मंदिर तक पुल निर्माण तथा बैराज किनारे से अछोटा तक सड़क मार्ग को जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को बेहतर आवागमन सुविधा मिल सके।

नरहरा जलप्रपात में सुरक्षा उपाय:

नरहरा जलप्रपात में पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए झरने के समीप सुरक्षा रेलिंग लगाने के निर्देश दिए गए, ताकि दुर्घटनाओं की आशंका को कम किया जा सके। इसके साथ ही नरहरा स्थित मंदिर के सौंदर्यीकरण एवं पार्क क्षेत्र की व्यवस्थाओं को और अधिक सुव्यवस्थित करने के निर्देश भी दिए गए।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा

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