एमसीबी: 10 शैय्या युक्त योग व प्राकृतिक चिकित्सा केन्द्र को मिली स्वीकृति
मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, 6 जनवरी (हि.स.)। छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के नागरिकों को योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा के माध्यम से बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। मनेन्द्रगढ़ में 10 शैय्या युक्त योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा केन्द्र की स्वीकृति प्रदान की गई है। इस केन्द्र के प्रावधिक संचालन के लिए 5 जनवरी 2026 को कलेक्टर सभा कक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान आयुष विभाग एवं एसईसीएल के मध्य समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।
यह समझौता प्रभारी मंत्री रामविचार नेताम, मंत्री आदिम जाति कल्याण, कृषि विकास एवं किसान कल्याण, जैव प्रौद्योगिकी, मछली पालन एवं पशुधन विकास विभाग तथा श्याम बिहारी जायसवाल, मंत्री लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास तथा 20 सूत्रीय कार्यक्रम क्रियान्वयन की गरिमामय उपस्थिति में संपन्न हुआ। इस अवसर पर जिला आयुष अधिकारी, एमसीबी एवं सीएमओ, सेंट्रल हॉस्पिटल आमाखेरवा, मनेन्द्रगढ़ द्वारा एमओयू पर विधिवत हस्ताक्षर किए गए।
वर्तमान समय की बदलती जीवनशैली में तनाव, असंतुलित दिनचर्या एवं शारीरिक निष्क्रियता के कारण विभिन्न रोग तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे समय में योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा न केवल रोगों से बचाव में सहायक है, बल्कि संपूर्ण शारीरिक, मानसिक एवं आत्मिक स्वास्थ्य प्रदान करने का सशक्त माध्यम भी है। इस केन्द्र के माध्यम से जिले के आम नागरिकों को योग, प्राणायाम, प्राकृतिक उपचार पद्धतियों और जीवनशैली सुधार से जुड़ी सेवाएं सुलभ होंगी।
योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा केन्द्र की स्थापना से जिले में निवारक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलेगी और लोगों में स्वस्थ जीवनशैली को अपनाने की जागरूकता बढ़ेगी। यह पहल एमसीबी जिले को समग्र स्वास्थ्य की दिशा में एक नई पहचान दिलाने वाला कदम सिद्ध होगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / पारस नाथ सिंह

