अंबिकापुर : एकलव्य आवासीय विद्यालयों में प्रवेश का अवसर, रिक्त सीटों पर 'लेटरल एंट्री' के लिए 20 अप्रैल तक करें आवेदन

WhatsApp Channel Join Now
अंबिकापुर : एकलव्य आवासीय विद्यालयों में प्रवेश का अवसर, रिक्त सीटों पर 'लेटरल एंट्री' के लिए 20 अप्रैल तक करें आवेदन


अंबिकापुर, 16 अप्रैल (हि.स.)। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में अनुसूचित जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों के लिए शिक्षा के क्षेत्र में बेहतरीन अवसर सामने आया है। जिला अंतर्गत संचालित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में शिक्षण सत्र 2026-27 के लिए विभिन्न कक्षाओं की रिक्त सीटों पर 'लेटरल एंट्री' के माध्यम से प्रवेश की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इच्छुक विद्यार्थी 20 अप्रैल 2026 की शाम 4:00 बजे तक अपना आवेदन पत्र जमा कर सकते हैं। ये सभी विद्यालय सी.बी.एस.ई. (अंग्रेजी माध्यम) पद्धति पर आधारित हैं, जहाँ छात्रों को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की जाती है।

प्रवेश के लिए उपलब्ध सीटों के विवरण के अनुसार, रीखी (उदयपुर) में कक्षा 7वीं के लिए एक कन्या पद, सीतापुर में कक्षा 7वीं के लिए एक बालक पद और शिवपुर (बतौली) में कक्षा 7वीं के लिए दो कन्या पद रिक्त हैं। इसी तरह, कक्षा 8वीं के लिए शिवपुर (बतौली) में एक कन्या पद तथा लुण्ड्रा विद्यालय में कक्षा 9वीं के लिए चार बालक और दो कन्या पदों पर प्रवेश दिया जाना है। पात्र अभ्यर्थी अपना आवेदन संबंधित एकलव्य विद्यालय या सहायक आयुक्त कार्यालय में निर्धारित समय सीमा के भीतर जमा कर सकते हैं।

प्रवेश प्रक्रिया के अगले चरण में 22 अप्रैल 2026 को प्रवेश पत्र जारी किए जाएंगे, जिसके बाद 25 अप्रैल 2026 को सुबह 10:00 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाएगी। इस परीक्षा के लिए एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय रिखी (उदयपुर) को परीक्षा केंद्र बनाया गया है। आवेदन के साथ विद्यार्थियों को अपनी पिछली कक्षा की अंकसूची, निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र और आधार कार्ड की छायाप्रति संलग्न करना अनिवार्य होगा। इस संबंध में पात्रता, नियम एवं विस्तृत जानकारी के लिए जिले की आधिकारिक वेबसाइट www.surguja.gov.in पर लॉग-इन किया जा सकता है या एकलव्य विद्यालय रिखी के प्राचार्य से उनके मोबाइल नंबर 8130921317 पर संपर्क किया जा सकता है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / पारस नाथ सिंह

Share this story