जुआ-सट्टा पर जीरो टॉलरेंस, नशे के कारोबार पर कसेगा शिकंजा

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जुआ-सट्टा पर जीरो टॉलरेंस, नशे के कारोबार पर कसेगा शिकंजा


अपराध समीक्षा बैठक में एसपी सूरज सिंह परिहार के सख्त निर्देश, “ऑपरेशन निश्चय” और “ऑपरेशन तलाश” की गहन समीक्षा

धमतरी, 07 अप्रैल (हि.स.)। धमतरी जिले में अपराध नियंत्रण को लेकर पुलिस प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए जुआ-सट्टा जैसे अवैध कारोबार को पूरी तरह खत्म करने का संकल्प लिया है। पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार ने मंगलवार काे आयोजित अपराध समीक्षा बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि जिले में ऐसे कृत्यों के लिए अब जीरो टॉलरेंस नीति लागू रहेगी।

बैठक में सभी थाना प्रभारियों को चेतावनी दी गई कि जुआ-सट्टा संचालित करने वालों को किसी भी प्रकार का संरक्षण न दिया जाए। अवैध गतिविधियों में लिप्त लोगों को तत्काल इन्हें बंद करने या कड़ी कार्रवाई के लिए तैयार रहने को कहा गया है। साथ ही, उनके नेटवर्क और सहयोगियों की पहचान कर लगातार दबिश देने, गुप्त सूचनाएं जुटाने और तकनीकी माध्यमों का उपयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया।

एसपी ने दो टूक कहा कि यदि किसी पुलिसकर्मी की संलिप्तता पाई जाती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी और संबंधित प्रभारी की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी।

“ऑपरेशन निश्चय” पर मंथन, कार्रवाई होगी और तेज

बैठक में मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान ऑपरेशन निश्चय की भी विस्तार से समीक्षा की गई। 30 टीमों के कार्यों का सूक्ष्म विश्लेषण करते हुए उनकी कार्यशैली, सूचना संकलन, समन्वय और परिणामों का आकलन किया गया।

अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि केवल औपचारिक कार्रवाई नहीं, बल्कि ठोस और परिणाम देने वाली कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। जहां कमी पाई गई, वहां सुधार कर नई रणनीति और बेहतर प्लानिंग के साथ आगे बढ़ने को कहा गया। पुलिस अधीक्षक ने साफ किया कि आने वाले समय में नशे के अवैध कारोबार पर और अधिक कसावट लाई जाएगी। गुमशुदा व्यक्तियों की खोज के लिए चलाए जा रहे ऑपरेशन तलाश की समीक्षा करते हुए उन्होंने विशेष रूप से गुम बालक-बालिकाओं और महिलाओं की शीघ्र एवं सुरक्षित दस्तयाबी को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

तकनीकी संसाधनों, सोशल मीडिया और विभिन्न विभागों के समन्वय का उपयोग बढ़ाकर अधिकतम गुमशुदाओं को जल्द से जल्द परिजनों से मिलाने पर जोर दिया गया। अभियान में बेहतर प्रदर्शन करने वाली टीमों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रथम तीन स्थानों हेतु पुरस्कार की घोषणा भी की गई।

बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शैलेन्द्र कुमार पांडेय, नगर पुलिस अधीक्षक अभिषेक चतुर्वेदी, एसडीओपी कुरूद रागिनी मिश्रा, एसडीओपी नगरी विपिन रंगारी, डीएसपी एसजेपीयू यशकरण दीप ध्रुव सहित सभी थाना प्रभारी, साइबर प्रभारी एवं अभियान से जुड़े अधिकारी मौजूद रहे।

असामाजिक तत्वों पर कड़ी नजर, आमजन से संवाद बढ़ाने के निर्देश

बैठक में आदतन अपराधियों और संदिग्ध गतिविधियों पर सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। सभी टीमों को फील्ड में सक्रिय रहते हुए आमजन से संवाद बढ़ाने और अधिक से अधिक सूचनाएं जुटाने पर जोर दिया गया, ताकि अपराधों की रोकथाम के साथ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा

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