एमसीबी : बाढ़ से निपटने एमसीबी में तैयार होगा ‘जीरो डिले’ रिस्पॉन्स सिस्टम, टेबल टॉप एक्सरसाइज में बनी समन्वित रणनीति

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भारी बारिश, जलभराव, बिजली, सर्पदंश, आकाशीय बिजली और सड़क संपर्क टूटने जैसी चुनौतियों की काल्पनिक परिकल्पना

20 अगस्त को लाई स्थित हसदेव नदी इंटकवेल में होगी व्यापक मॉक एक्सरसाइज

एमसीबी/19 अगस्त (हि.स.)। संभावित बाढ़ आपदा के दौरान जान-माल की सुरक्षा और राहत-बचाव कार्यों में किसी भी तरह की देरी न हो, इसके लिए मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में आपदा प्रबंधन तंत्र को मजबूत किया जा रहा है। इसी उद्देश्य से राज्यस्तरीय टेबल टॉप एक्सरसाइज-मॉक एक्सरसाइज ऑन फ्लड डिजास्टर इन छत्तीसगढ़ के तहत जिले की तैयारियों की समीक्षा की गई। अभ्यास में लगातार भारी बारिश, नदी-नालों के बढ़ते जलस्तर, निचले क्षेत्रों में जलभराव, गांवों का संपर्क टूटने, सड़क-पुल क्षतिग्रस्त होने, बिजली बाधित होने और लोगों के फंसने जैसी काल्पनिक परिस्थितियों को सामने रखकर एकीकृत राहत एवं बचाव रणनीति तैयार की गई।

टेबल टॉप एक्सरसाइज में बाढ़ की सूचना मिलने से लेकर चेतावनी जारी करने, नियंत्रण कक्ष की सक्रियता, संसाधनों की तैनाती, लोगों की सुरक्षित निकासी, रेस्क्यू, राहत शिविर, स्वास्थ्य सेवाएं, पेयजल, खाद्य सामग्री तथा सड़क-बिजली-संचार व्यवस्था की बहाली तक विभिन्न विभागों की जिम्मेदारियों और आपसी समन्वय की समीक्षा की गई। उद्देश्य रखा गया कि आपदा के समय निर्णय और कार्रवाई के बीच न्यूनतम समय हो तथा जिला प्रशासन से लेकर ग्राम स्तर तक पूरा तंत्र एक साथ सक्रिय हो।

अभ्यास में बाढ़ प्रबंधन की पहली कड़ी के रूप में सटीक और समयबद्ध सूचना तंत्र को मजबूत करने पर जोर दिया गया। मौसम, वर्षा, नदी-नालों के जलस्तर और संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी करते हुए चेतावनी प्रभावित लोगों तक पहुंचाने की व्यवस्था पर चर्चा हुई। एसएमएस, सायरन, मुनादी, स्थानीय संचार माध्यमों और मैदानी अमले के उपयोग के साथ मोबाइल नेटवर्क या बिजली बाधित होने की स्थिति में वैकल्पिक संचार व्यवस्था सक्रिय रखने की रणनीति बनाई गई।

बाढ़ को बहु-विभागीय आपदा मानते हुए राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, पुलिस, नगर सेना एवं अग्निशमन, स्वास्थ्य, जल संसाधन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, लोक निर्माण, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, नगरीय निकाय, विद्युत, खाद्य, परिवहन, पशुपालन, वन एवं दूरसंचार विभाग की भूमिका तय करने और आपसी समन्वय मजबूत करने पर जोर दिया गया।

कमजोर वर्गों की सुरक्षित निकासी को प्राथमिकता

काल्पनिक परिदृश्य में बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं, दिव्यांगजनों, बीमार व्यक्तियों और अकेले रहने वाले लोगों को प्राथमिकता से सुरक्षित निकालने पर विशेष जोर दिया गया। प्रभावित परिवारों को राहत शिविरों तक पहुंचाने के साथ भोजन, स्वच्छ पेयजल, शौचालय, स्वास्थ्य सुविधा, सुरक्षा और आवश्यक दवाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने की रणनीति बनाई गई।

स्वास्थ्य विभाग को मेडिकल टीम, एंबुलेंस और आवश्यक दवाओं के साथ तैयार रखने तथा गंभीर मरीजों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने पर जोर दिया गया। बाढ़ के बाद दूषित पानी से होने वाली बीमारियों की रोकथाम के लिए पेयजल स्रोतों की जांच, क्लोरीनेशन और वैकल्पिक पेयजल व्यवस्था को भी योजना में शामिल किया गया।

संसाधनों और प्रशिक्षित अमले की होगी पड़ताल

बाढ़ संभावित क्षेत्रों में नाव, लाइफ जैकेट, रस्सी, टॉर्च, संचार उपकरण, जनरेटर, प्राथमिक उपचार सामग्री, भोजन एवं पेयजल सहित आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। तहसील, विकासखंड और ग्राम स्तर पर तैराकों, नाव चालकों, बचाव दल एवं प्रशिक्षित स्वयंसेवकों की सूची अद्यतन रखने तथा आवश्यकता पड़ने पर तत्काल उनकी सेवाएं लेने की व्यवस्था पर भी चर्चा हुई।

20 अगस्त को लाई में होगी व्यापक मॉक एक्सरसाइज

टेबल टॉप एक्सरसाइज में तैयार रणनीति की 20 अगस्त को जिले के तहसील नागपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत लाई स्थित हसदेव नदी इंटकवेल में व्यापक मॉक एक्सरसाइज के माध्यम से मैदानी परीक्षा होगी। इसमें आपदा की सूचना मिलने के बाद नियंत्रण कक्ष की सक्रियता, चेतावनी की पहुंच, बचाव दल की तैनाती, फंसे लोगों की सुरक्षित निकासी और राहत शिविरों के संचालन की गति को परखा जाएगा।

मॉक एक्सरसाइज में सूचना से लेकर रेस्क्यू, स्वास्थ्य सेवा, राहत, संचार, विद्युत एवं सड़क बहाली और सामान्य स्थिति की वापसी तक पूरी प्रक्रिया को व्यावहारिक रूप से परखा जाएगा। अभ्यास से सामने आने वाली कमियों को चिन्हित कर वास्तविक आपदा से पहले उनमें सुधार किया जाएगा।

आपदा आए तो पूरा तंत्र एक साथ हो सक्रिय

मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में यह अभ्यास महज औपचारिक मॉकड्रिल नहीं, बल्कि संभावित बाढ़ के सामने ‘जीरो डिले रिस्पॉन्स’ की क्षमता विकसित करने की तैयारी है। लक्ष्य है कि सूचना मिलते ही नियंत्रण कक्ष सक्रिय हो, चेतावनी गांवों तक पहुंचे, प्रशिक्षित अमला और संसाधन तत्काल रवाना हों, कमजोर एवं संवेदनशील लोगों को प्राथमिकता से सुरक्षित निकाला जाए और सभी विभाग एकीकृत समन्वय के साथ राहत-बचाव में जुट जाएं।

टेबल टॉप एक्सरसाइज में अपर कलेक्टर अनिल सिदार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल विश्वकर्मा, एसडीएम लिंगराज सिदार, एस. शेखर मिश्रा, विजयेन्द्र सारथी, प्रशिक्षु एसडीएम स्वप्निल वर्मा, नेहा खलखो, तहसीलदार यादवेंद्र कैवर्त्त, श्रुति धुर्वे सहित आपदा प्रबंधन से संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / चन्द्र नारायण शुक्ल

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