युवोदय 2.0 अभियान, गांव की समस्याओं के समाधान में सीधी भागीदारी निभाएंगे : कलेक्टर छिकारा
जगदलपुर, 11 सितंबर (हि.स.)। जिले के सुदूर गांवों और समुदायों के समग्र विकास को नई गति देने के उद्देश्य से युवोदय 2.0 अभियान की शुरुआत की गई है। इस महत्वाकांक्षी पहल के तहत आयोजित विशेष कार्यशाला में जिला प्रशासन और युवा स्वयंसेवकों के बीच एक सार्थक और प्रेरणादायी संवाद देखने को मिला।
कार्यक्रम में बस्तर कलेक्टर आकाश छिकारा, जिला पंचायत सीईओ तन्मय खन्ना और सहायक कलेक्टर यशवंत नायक ने युवाओं से सीधे रूबरू होकर उनके अनुभव, जमीनी चुनौतियां और भविष्य की आकांक्षाएं जानीं। यूनिसेफ के सामाजिक एवं व्यवहार परिवर्तन विशेषज्ञ अभिषेक सिंह ने अभियान के विस्तार पर प्रकाश डालते हुए बताया कि सितंबर 2020 में शुरू हुए युवोदय का स्वरूप अब और अधिक सशक्त हो गया है। युवोदय 2.0 में स्वयंसेवकों की भूमिका केवल जागरूकता अभियानों या गतिविधियों में भीड़ जुटाने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि वे अपने गांव की वास्तविक समस्याओं की पहचान करने, ग्रामीणों से सतत संवाद साधने और स्थानीय स्तर पर ही टिकाऊ समाधान गढ़ने में सीधी भागीदारी निभाएंगे।
संवाद के दौरान कलेक्टर आकाश छिकारा ने युवाओं से पूछा कि स्वयंसेवा उनके जीवन में क्या मायने रखती है। इसके जवाब में स्वयंसेवकों ने साझा किया कि समुदाय के साथ मिलकर काम करने से उनके आत्मविश्वास, संवाद कौशल और लोगों से जुड़ाव में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इस पर कलेक्टर ने जोर देते हुए कहा कि युवाओं की ऊर्जा, स्थानीय परिस्थितियों की गहरी समझ और समुदाय से आत्मीय जुड़ाव ही बस्तर के गांवों में सकारात्मक और टिकाऊ बदलाव लाने की सबसे बड़ी ताकत बन सकता है।
इस दौरान जिला पंचायत सीईओ तन्मय खन्ना और सहायक कलेक्टर यशवंत नायक ने भी अपने स्वयंसेवा के अनुभव साझा किए। उन्होंने युवाओं को प्रेरित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं को गहराई से समझें, उनके व्यावहारिक समाधान तलाशें और जिला प्रशासन के साथ कदम से कदम मिलाकर विकास कार्यों में योगदान दें। इस कार्यशाला की एक खास बात यह भी रही कि इसमें युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य और संपूर्ण कल्याण पर एक खुला विमर्श आयोजित हुआ, जिसमें स्वयंसेवकों ने बिना किसी झिझक के अपनी बात रखी। इस पूरी मुहिम में यूनिसेफ और छत्तीसगढ़ एग्रीकॉन समिति तकनीकी सहयोग प्रदान कर रहे हैं, जिससे जिला प्रशासन और स्वयंसेवकों के बीच समन्वय अधिक मजबूत बना रहे। युवाओं के असीम उत्साह, समुदाय की सक्रिय भागीदारी और प्रशासन के निरंतर सहयोग के इस अनूठे समन्वय से बस्तर का विकास अब एक नई और सकारात्मक दिशा की ओर अग्रसर हो रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे

