नशामुक्त युवा फॉर विकसित भारत-संकल्प अभियान में युवाओं ने ली नशामुक्ति की शपथ
जगदलपुर, 02 अगस्त (हि.स.)। शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय के एमबीए भवन में आज रविवार को नशामुक्त युवा फॉर विकसित भारत-संकल्प अभियान के तहत जिलास्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया । इस विशेष अवसर पर उपस्थित विशाल जनसमूह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देशव्यापी संबोधन का सीधा प्रसारण देखा और सुना, जिसके पश्चात युवाओं, विद्यार्थियों, जनप्रतिनिधियों तथा नागरिकों द्वारा राष्ट्रव्यापी नशामुक्ति की शपथ ली गई।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ शासन के वन एवं जलवायु परिवर्तन तथा सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने प्रधानमंत्री के विकसित भारत के संकल्प को रेखांकित करते हुए कहा कि आने वाले 20-21 वर्षों में आज की युवा पीढ़ी ही देश की बागडोर संभालेगी, लेकिन इस मार्ग में नशा सबसे बड़ी बाधा है। उन्होंने नशे की तुलना दीमक से करते हुए समझाया कि जिस प्रकार दीमक किसी वस्तु को अंदर ही अंदर खोखला कर देती है, ठीक उसी तरह नशा भी व्यक्ति के शरीर, मस्तिष्क और जीवन को बर्बाद कर देता है। उन्होंने बस्तर और जनजातीय क्षेत्रों में अत्यधिक नशापान के कारण घटती औसत आयु और बढ़ती दुर्घटनाओं पर गहरी चिंता जताते हुए स्पष्ट किया कि नशामुक्ति केवल सरकार का काम नहीं है, बल्कि इसके लिए गायत्री परिवार, संत निरंकारी मिशन और आर्ट ऑफ लिविंग जैसी समाजसेवी संस्थाओं एवं स्वयंसेवी संगठनों का सहयोग अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने युवाओं से स्वामी विवेकानंद और महर्षि वाल्मीकि के जीवन से प्रेरणा लेकर पुस्तकों के साथ अच्छे संस्कार ग्रहण करने और नशे में भटके लोगों को सही राह पर लाने की अपील की।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित बस्तर सांसद महेश कश्यप ने युवाओं को संबोधित करते हुए देश की मजबूत नींव और भविष्य को युवा पीढ़ी के कंधों पर टिका हुआ बताया। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम का स्मरण करते हुए भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव और भगवान बिरसा मुंडा जैसे महान क्रांतिकारियों के योगदान को याद किया और युवाओं को संस्कारों तथा अच्छे आचरण का महत्व समझाया। उन्होंने युवाओं को भ्रामक संदेश और नशाखोरी से दूर रहने की गंभीर हिदायत देते हुए कहा कि नशा मनुष्य के विवेक और सोचने-समझने की शक्ति को नष्ट कर देता है, जिससे व्यक्ति अपने लक्ष्य से दूर हो जाता है।
जन-जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए यह अभियान केवल एक दिवसीय कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आगामी 100 सप्ताह तक प्रत्येक रविवार को निरंतर संचालित किया जाएगा। इस दौरान युवाओं द्वारा आकर्षक नुक्कड़ नाटक, वॉकथॉन, ध्यान सत्र तथा विभिन्न खेल व सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा, जिसके माध्यम से बस्तर के युवाओं को खेल, योग और समाजसेवा जैसी सकारात्मक गतिविधियों से जोड़कर नशामुक्ति का संदेश दिया जाएगा। जिला प्रशासन बस्तर ने इस अभियान को व्यापक रूप देने के लिए क्षेत्र के सभी शैक्षणिक संस्थानों, युवा क्लबों, स्वयंसेवी संस्थाओं, औद्योगिक संगठनों और आम नागरिकों से बढ़-चढ़कर शामिल होने की अपील की है ताकि बस्तर की युवा ऊर्जा को सही दिशा देकर 'विकसित भारत@2047' के सपने को साकार किया जा सके।
इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर मनोज कुमार श्रीवास्तव ने की। इस दौरान कलेक्टर आकाश छिकारा सहित अन्य अधिकारी,गणमान्य नागरिक और प्राध्यापकगण, छात्र-छात्राएं तथा बड़ी संख्या में युवा उक्त गरिमामयी आयोजन में उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे

