उद्यानिकी महाविद्यालय में 'विश्व तम्बाकू निषेध दिवस' पर जागरूकता कार्यक्रम
जगदलपुर, 06 जून (हि.स.)। महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय दुर्ग के अंतर्गत संचालित नवीन उद्यानिकी महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र सोनारपाल बस्तर में विश्व तम्बाकू निषेध दिवस एवं जागरूकता कार्यक्रम का गरिमामय आयोजन किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं और राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों को तम्बाकू के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के लिए विभिन्न शैक्षणिक और रचनात्मक गतिविधियां आयोजित की गईं।
कार्यक्रम का औपचारिक शुभारम्भ उपस्थित अतिथियों द्वारा स्वामी विवेकानंद के छायाचित्र पर सम्मानपूर्वक पुष्प अर्पित कर किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता उद्यानिकी महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र सोनारपाल की अधिष्ठाता डॉ. इशु साहू ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में उद्यानिकी महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र जगदलपुर के अधिष्ठाता डॉ. जीपी नाग उपस्थित रहे। इनके साथ ही विशिष्ट अतिथि के रूप में जगदलपुर महाविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी राम कुमार देवांगन तथा सहायक प्राध्यापक इंजीनियर भागवत कुमार ने भी अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई।
इस अवसर पर अपने उद्बोधन में मुख्य अतिथि डॉ. जीपी नाग ने उपस्थित छात्र-छात्राओं एवं स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए तम्बाकू तथा उससे निर्मित उत्पादों के सेवन से स्वास्थ्य और समाज पर पड़ने वाले अत्यंत घातक और विनाशकारी प्रभावों के बारे में विस्तार से जागरूक किया और युवाओं से इस सामाजिक बुराई से दूर रहने का पुरजोर आह्वान किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही डॉ. इशु साहू ने अपने संदेश में युवाओं को सचेत करते हुए कहा कि तम्बाकू हमारे स्वास्थ्य के लिए एक धीमा जहर है, जो न केवल हमारे देश के युवाओं को शारीरिक एवं मानसिक रूप से पंगु बनाता है, बल्कि पूरे परिवार को आर्थिक रूप से भी बेहद कमजोर कर देता है। उन्होंने आगे ज़ोर देते हुए कहा कि यह हम सबका परम कर्तव्य है कि हम स्वयं इसके प्रति जागरूक रहें और समाज के दूसरे लोगों को भी इस लत के खिलाफ सजग व सचेत करें।
जागरूकता अभियान के दौरान महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं एवं स्वयंसेवकों ने बड़ी संख्या में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपने हाथों से तैयार किए गए आकर्षक व विचारोत्तेजक पोस्टरों के माध्यम से समाज में तम्बाकू के सेवन से होने वाली गंभीर बीमारियों के प्रति लोगों को बेहद रचनात्मक ढंग से जागरूक किया।
कार्यक्रम के सुचारू संचालन में महाविद्यालय की अधिकारी श्रीमती रीतिका समर, डॉ. अग्निभ हालदार, डॉ. रिनू तथा डॉ. वागेश्वरी सहित सभी प्राध्यापकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम के समापन सत्र में राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. सुमित ने उपस्थित सभी अतिथियों, प्राध्यापकों और छात्र-छात्राओं का इस आयोजन को सफल और उद्देश्यपूर्ण बनाने के लिए हृदय से आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन किया।
हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे

