कोरबा में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 पर कार्यशाला, नियमों के पालन पर जोर

WhatsApp Channel Join Now
कोरबा में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 पर कार्यशाला, नियमों के पालन पर जोर


कोरबा में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 पर कार्यशाला, नियमों के पालन पर जोर


कोरबा, 24 जून (हि. स.)। छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल और नगर पालिक निगम कोरबा के संयुक्त तत्वावधान में आज ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 पर कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम में आयुक्त आशुतोष पाण्डेय ने कहा कि नए नियमों का पालन शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में अनिवार्य है तथा सभी बल्क वेस्ट जनरेटरों को अपने यहां उत्पन्न कचरे का वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन करना होगा।

कार्यशाला में सरकारी विभागों, उद्योगों, शैक्षणिक संस्थानों, स्वास्थ्य संस्थानों, होटल संचालकों, ग्राम पंचायतों और अन्य बड़े अपशिष्ट उत्पादकों को नियमों की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि 1 अप्रैल 2026 से लागू नियमों के तहत कचरे को अब चार श्रेणियों—गीला, सूखा, स्वच्छता और विशेष देखभाल अपशिष्ट—में अलग करना अनिवार्य किया गया है।

नियमों के अनुसार हरा, नीला, लाल और बैंगनी रंग के अलग-अलग डस्टबिन निर्धारित किए गए हैं। मिश्रित कचरा देने या अपशिष्ट प्रबंधन नियमों का उल्लंघन करने पर पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति और वैधानिक कार्रवाई का प्रावधान है।

जिला पंचायत सीईओ दिनेश कुमार नाग ने कहा कि ग्राम पंचायतों में भी इन नियमों को लागू करने की प्रक्रिया तेज की जा रही है और बल्क वेस्ट जनरेटरों का पंजीयन कराया जा रहा है। वहीं पर्यावरण संरक्षण मंडल के क्षेत्रीय अधिकारी प्रसन्ना सोनकर ने नियमों से जुड़ी जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए सभी पात्र संस्थानों से जल्द पंजीयन कराने की अपील की।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बड़े आयोजनों के लिए स्थानीय निकाय को कम से कम तीन दिन पहले सूचना देना अनिवार्य होगा तथा अपशिष्ट का पृथक्करण और उचित निस्तारण सुनिश्चित करना होगा।

हिन्दुस्थान समाचार / हरीश तिवारी

Share this story