स्व-सहायता समूहों से बदल रही महिलाओं की तस्वीर, धमतरी में आत्मनिर्भरता की नई मिसाल

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स्व-सहायता समूहों से बदल रही महिलाओं की तस्वीर, धमतरी में आत्मनिर्भरता की नई मिसाल


धमतरी, 07 मार्च (हि.स.)। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर धमतरी जिले में महिलाओं के सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की प्रेरक तस्वीर सामने आ रही है। शासन की विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों के माध्यम से जिले की महिलाएं स्व-सहायता समूहों से जुड़कर आर्थिक रूप से मजबूत बन रही हैं और समाज में अपनी सशक्त पहचान स्थापित कर रही हैं।

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के तहत जिले में बड़ी संख्या में महिलाओं को स्व-सहायता समूहों से जोड़ा गया है। इन समूहों के माध्यम से महिलाएं नियमित बचत, आंतरिक ऋण और विभिन्न आजीविका गतिविधियों से जुड़कर अपनी आय बढ़ा रही हैं। ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों की महिलाएं अब सब्जी उत्पादन, मशरूम उत्पादन, कुक्कुट पालन, बकरी पालन, डेयरी व्यवसाय, मछली पालन और लघु उद्यमों के जरिए आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।

महिला समूहों द्वारा जैविक खेती, पोषण वाटिका और सब्जी उत्पादन जैसी गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे महिलाओं की आय में वृद्धि के साथ परिवार के पोषण स्तर में भी सुधार हो रहा है। शासन द्वारा प्रशिक्षण, बैंक ऋण सुविधा, विपणन सहयोग और अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे महिलाएं उद्यमिता की ओर तेजी से अग्रसर हो रही हैं।

धमतरी जिले के कई गांवों में महिला समूहों ने सामूहिक उत्पादन और विपणन की सफल पहल की है। महिलाएं स्थानीय हाट-बाजारों के साथ विभिन्न मेलों और प्रदर्शनियों में अपने उत्पादों का विक्रय कर रही हैं, जिससे उनके आत्मविश्वास में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और वे आर्थिक निर्णयों में भी सक्रिय भूमिका निभाने लगी हैं। महिलाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भी कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं, पोषण कार्यक्रमों और कौशल विकास प्रशिक्षणों के माध्यम से महिलाओं के समग्र विकास को प्रोत्साहित किया जा रहा है। आज धमतरी जिले की महिलाएं घर की जिम्मेदारियों के साथ-साथ खेती, व्यवसाय और समूह गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर यह स्पष्ट हो रहा है कि अवसर और प्रोत्साहन मिलने पर महिलाएं न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे समाज के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं। जिले की महिलाएं आत्मविश्वास और संकल्प के साथ आत्मनिर्भरता की राह पर निरंतर आगे बढ़ रही हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा

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