रेशम प्रसंस्करण व उत्पाद डिजाइन से महिलाओं को मिलेगा रोजगार

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रेशम प्रसंस्करण व उत्पाद डिजाइन से महिलाओं को मिलेगा रोजगार


धमतरी, 16 अप्रैल (हि.स.)। जिले में ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में गुरूवार को एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक पहल की गई। कलेक्टोरेट परिसर में नेशनल इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलाजी रायपुर, जिला प्रशासन धमतरी एवं बीआरपी शासकीय पालिटेक्निक कालेज, धमतरी के मध्य एसटीआरईई परियोजना के सफल क्रियान्वयन के लिए त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। परियोजना के अंतर्गत महिलाओं को कोसा रेशम प्रसंस्करण, फाइबर निष्कर्षण, आधुनिक बुनाई तकनीक, उत्पाद डिज़ाइन, उद्यमिता विकास एवं बाजार से जोड़ने जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।

नीट रायपुर के निदेशक डाॅ. एनवी रमणा राव, कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी अबिनाश मिश्रा तथा बीआरपी पालिटेक्निक कालेज, धमतरी के प्राचार्य ने संयुक्त रूप से एमओयू पर हस्ताक्षर कर इस महत्वाकांक्षी परियोजना का शुभारंभ कलेक्टोरेट सभाकक्ष में किया। इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत गजेन्द्र सिंह ठाकुर, सहायक प्राध्यापक अनुज कुमार शुक्ला, असिस्टेंट रजिस्ट्रार पवन कटारिया, एसडीएम पीयूष तिवारी सहित जिले के विभिन्न कालेजों के प्राचार्य, प्राध्यापक उपस्थित थे। यह परियोजना, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार के कार्यक्रम अंतर्गत लगभग 90 लाख की वित्तीय सहायता से संचालित होगी। 36 माह की अवधि में यह पहल धमतरी जिले की 300 ग्रामीण महिलाओं को कौशल विकास के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ेगी। विशेष रूप से वंचित, आदिवासी एवं कृषि-आधारित समुदायों की महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे स्थानीय संसाधनों का बेहतर उपयोग एवं मूल्य संवर्धन सुनिश्चित हो सके।

यह पहल चार जनवरी को नई दिल्ली में डीएसआईआर के साथ हुए पूर्व समझौते का विस्तार है, जो शैक्षणिक संस्थानों, प्रशासन एवं स्थानीय स्तर पर समन्वित विकास का एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करती है। इस अवसर पर कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा कि धमतरी जिले में हैंडलूम एवं कृषि आधारित आजीविका की अपार संभावनाएं हैं। एसटीआरईई परियोजना के माध्यम से वैज्ञानिक एवं तकनीकी सहयोग से स्थानीय कौशल को निखारने का कार्य किया जाएगा। इससे महिलाओं की आय में वृद्धि के साथ-साथ उनका सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण सुनिश्चित होगा। वहीं नीट रायपुर के निदेशक डाॅ. एनवी रमना राव ने अपने संबोधन में कहा कि यह साझेदारी समावेशी नवाचार एवं जमीनी स्तर पर विकास की दिशा में एक मजबूत कदम है। इस परियोजना के माध्यम से महिलाओं के लिए स्थायी आजीविका के अवसर सृजित किए जाएंगे तथा महिला-नेतृत्व वाले उद्यमों को बढ़ावा दिया जाएगा।

समारोह में नीट रायपुर के सहायक प्राध्यापक एवं परियोजना के मुख्य अन्वेषक डाॅ. अनुज कुमार शुक्ला तथा इंक्यूबेशन से जुड़े अधिकारी पवन कटारिया सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने इस पहल को महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में मील का पत्थर बताया। इस परियोजना के माध्यम से न केवल महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण मिलेगा, बल्कि उन्हें स्वरोजगार, लघु उद्योग एवं उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने के अवसर भी प्राप्त होंगे। यह पहल धमतरी जिले में महिला सशक्तिकरण का एक सशक्त माडल स्थापित करते हुए आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा

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