अंबिकापुर : विधवा महिला का घर ढहाने पर फूटा गुस्सा, चार घंटे जाम रहा नेशनल हाईवे

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अंबिकापुर : विधवा महिला का घर ढहाने पर फूटा गुस्सा, चार घंटे जाम रहा नेशनल हाईवे


अंबिकापुर, 11 अप्रैल (हि.स.)। सरगुजा जिले के मैनपाट विकासखंड अंतर्गत रोपाखार में प्रशासन की बुलडोजर कार्रवाई के विरोध में शनिवार सुबह ग्रामीणों का आक्रोश सड़क पर उतर आया। पीड़ित विधवा महिला के समर्थन में जनपद सदस्य सूर्यकांत उर्फ सूर्या पैंकरा के नेतृत्व में ग्रामीणों ने कटनी-गुमला राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-43 को ग्राम काराबेल हाईस्कूल के पास करीब चार घंटे तक जाम रखा।

इस दौरान सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह ठप हो गया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान प्रशासन ने विधवा महिला रामबाई के घर को निशाना बनाया, जबकि मामला कलेक्टर कार्यालय में विचाराधीन था और सुनवाई शेष थी।

ग्रामीणों ने प्रशासन पर मानवीय पहलुओं की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि बिना पर्याप्त सुनवाई के बुलडोजर चलाया गया, जिससे क्षेत्र में आक्रोश फैल गया। बताया जा रहा है कि शुक्रवार को शासकीय भूमि पर बने मकानों पर कार्रवाई के बाद से ही नाराजगी बढ़ रही थी, जो शनिवार को चक्काजाम के रूप में सामने आई। मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। आरोप है कि स्थानीय विधायक रामकुमार टोप्पो के मना करने के बावजूद कार्रवाई की गई, जिससे आहत होकर भाजपा मैनपाट के मंडल महामंत्री गौतम पैकरा ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया। वहीं भाजपा जिलाध्यक्ष देर रात पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे, लेकिन इसके बावजूद विरोध थम नहीं सका।

चक्काजाम की सूचना मिलते ही एसडीएम रामसिंह ठाकुर, एसडीओपी राजेंद्र मंडावी और थाना प्रभारी अखिलेश सिंह मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे। इसके बाद प्रशासन ने पुलिस की मदद से बलपूर्वक सड़क खाली कराते हुए यातायात बहाल कराया। इस दौरान बिना अनुमति राष्ट्रीय राजमार्ग जाम करने के आरोप में पुलिस ने रामबाई सहित सूर्यकांत पैंकरा, विनोद पैंकरा, अभिजीत पैंकरा, प्रकाश कुजूर, अमन सिंह, शिवशंकर सिंह और राजेश यादव को गिरफ्तार कर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की। बाद में सभी को तहसील कार्यालय से जमानत दे दी गई।

इधर, एसडीएम रामसिंह ठाकुर ने स्पष्ट किया कि बेदखली की कार्रवाई पूरी तरह विधि अनुसार की गई है। उन्होंने बताया कि तहसील कार्यालय मैनपाट में मामले की सुनवाई के दौरान महिला का पक्ष भी सुना गया था और सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करने के बाद ही कार्रवाई अमल में लाई गई।

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हिन्दुस्थान समाचार / पारस नाथ सिंह

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