कुआं बना हेमंत साहू के जीवन में बदलाव की वजह, आत्मनिर्भरता की ओर बढ़े कदम
जांजगीर-चांपा 30 मार्च (हि. स.)। कभी खेती के लिए पूरी तरह से बारिश पर निर्भर रहने वाले किसान हेमंत साहू के लिए सिंचाई की स्थायी व्यवस्था एक सपने जैसी थी, लेकिन अब यह सपना साकार हो चुका है। विकासखंड बम्हनीडीह के ग्राम सरवानी में मनरेगा के तहत किए गए कुआं निर्माण ने किसान हेमंत साहू के जीवन में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास भर दिया है। साहू बताते हैं कि एक समय ऐसा था जब उनके खेत सूखे रहते थे। सिंचाई के अभाव में वे साल में केवल एक ही फसल ले पाते थे। परिवार की जरूरतें पूरी करना चुनौती बन जाती थी और भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी रहती थी।
वर्ष 2023-24 में मनरेगा योजना के तहत उनके खेत में व्यक्तिगत कुआं निर्माण स्वीकृत हुआ। लगभग 2.99 लाख रुपये की लागत से बने इस कुएं ने न सिर्फ स्थायी सिंचाई का समाधान दिया, बल्कि 357 मानव दिवस का रोजगार भी सृजित किया। इससे गांव के मजदूरों को भी रोजगार मिला और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली। ग्राम पंचायत सरवानी के सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक और तकनीकी अमले के सहयोग से यह कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण हुआ।
कुएं के निर्माण के बाद हेमंत साहू अब वे सिर्फ एक फसल तक सीमित नहीं हैं, बल्कि सालभर विभिन्न सब्जियों की खेती कर रहे हैं। कुएं के निर्माण के बाद अब हेमंत साहू के खेत में सालभर सिंचाई की सुविधा उपलब्ध हो गई है, जिससे वे टमाटर, बैंगन, भिंडी, पत्तागोभी, लौकी, मिर्च, करेला, खीरा और ककड़ी जैसी विभिन्न सब्जियों की खेती कर रहे हैं। इससे उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और उनका परिवार आर्थिक रूप से मजबूत हुआ है।
किसान हेमंत साहू कहते है कि कुएं निर्माण की वजह से हर मौसम में खेती संभव हो गई है। हमारे परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और अब हम भविष्य को लेकर ज्यादा आत्मविश्वासी हैं। यह कहानी केवल एक किसान की सफलता नहीं, बल्कि यह दर्शाती है कि सही योजना, सामूहिक प्रयास और मेहनत से ग्रामीण जीवन में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है। मनरेगा के इस कार्य ने न सिर्फ सिंचाई की समस्या हल की, बल्कि किसानों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
हिन्दुस्थान समाचार/लालिमा शुक्ला पुरोहित
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हिन्दुस्थान समाचार / LALIMA SHUKLA PUROHIT

