बलरामपुर : जल संरक्षण की दिशा में बड़ी पहल, 5 प्रतिशत मॉडल से मजबूत हो रही जल बचाने की मुहिम

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बलरामपुर : जल संरक्षण की दिशा में बड़ी पहल, 5 प्रतिशत मॉडल से मजबूत हो रही जल बचाने की मुहिम


बलरामपुर, 13 जुलाई (हि.स.)।बलरामपुर जिले में भविष्य की जल सुरक्षा सुनिश्चित करने और भू-जल स्तर को बेहतर बनाने के उद्देश्य से आज सोमवार जल संरक्षण अभियान को गति दी गई। कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी के मार्गदर्शन में जिले के सभी विकासखंडों में 5 प्रतिशत जल संरक्षण मॉडल के तहत वर्षा जल संचयन और जल स्रोतों के संरक्षण के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं। इस अभियान में प्रशासन के साथ ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी भी देखने को मिल रही है।

अभियान के तहत किसानों को अपने खेतों में जल संरक्षण संरचनाएं बनाने के लिए प्रेरित किया गया। जनजागरूकता अभियान के माध्यम से बड़ी संख्या में किसानों ने अपने खेतों में मॉडल स्ट्रक्चर तैयार किए हैं, जिससे वर्षा जल का अधिकतम संचयन हो रहा है और पानी को जमीन के भीतर पहुंचाने में मदद मिल रही है।

जिले के सभी विकासखंडों में स्थानीय जरूरतों के अनुसार खेतों, नालों, सार्वजनिक स्थलों और जल निकासी वाले क्षेत्रों में जल संरक्षण संबंधी संरचनाएं विकसित की गई हैं। इनसे बारिश का पानी बहकर व्यर्थ जाने के बजाय जमीन में समाहित हो रहा है, जिससे भू-जल स्तर में सुधार और प्राकृतिक जल स्रोतों के पुनर्जीवित होने की संभावना बढ़ रही है।

अभियान के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों, मैदानी अमले और जनप्रतिनिधियों ने गांव-गांव पहुंचकर किसानों को जल संरक्षण के महत्व की जानकारी दी। किसानों को बताया गया कि यदि प्रत्येक खेत में वर्षा जल को रोकने और जमीन में उतारने की व्यवस्था की जाए तो भविष्य में सिंचाई और पेयजल की समस्या काफी हद तक कम हो सकती है। किसानों ने भी इस पहल को उत्साह के साथ अपनाया।

प्रशासन के अनुसार 5 प्रतिशत मॉडल का उद्देश्य केवल वर्षा जल का संग्रह करना नहीं, बल्कि जल संरक्षण को जनभागीदारी का अभियान बनाना है। इससे भू-जल स्तर में सुधार होगा, कुएं, हैंडपंप और नलकूप लंबे समय तक जलयुक्त रहेंगे तथा किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध होगा। इससे कृषि उत्पादन बढ़ेगा, दोहरी फसल लेने में मदद मिलेगी और सूखे जैसी परिस्थितियों में भी खेती को सहारा मिलेगा। साथ ही पर्यावरण संरक्षण, हरियाली और जैव विविधता को भी दीर्घकालिक लाभ मिलेगा।

जिला प्रशासन का मानना है कि यह पहल केवल वर्तमान की जरूरतों को पूरा करने तक सीमित नहीं है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जनभागीदारी से संचालित यह अभियान जिले में जल संरक्षण का प्रेरणादायी मॉडल बनता जा रहा है।

हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय

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