बलरामपुर : मोर गांव मोर पानी अभियान से जल संरक्षण को मिली रफ्तार
बलरामपुर, 08 जुलाई (हि.स.)। जिले में जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए संचालित ‘मोर गांव मोर पानी अभियान 2.0’ के तहत कंटूर ट्रेंच निर्माण का कार्य तेजी से जारी है। अभियान के माध्यम से वर्षा जल का संरक्षण कर भू-जल स्तर बढ़ाने, जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।
कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी के मार्गदर्शन में जिले के शंकरगढ़, कुसमी, राजपुर और रामचंद्रपुर विकासखंड के पहाड़ी एवं ढलान वाले क्षेत्रों में वैज्ञानिक पद्धति से कंटूर ट्रेंच बनाए जा रहे हैं। इन संरचनाओं के जरिए बारिश का पानी बहकर नष्ट होने के बजाय जमीन में समाहित हो रहा है, जिससे भू-जल का पुनर्भरण बढ़ रहा है। साथ ही मिट्टी का कटाव भी रुक रहा है और खेतों की उर्वरता सुरक्षित बनी हुई है।
अभियान के तहत अब तक जिले में 2,500 कंटूर ट्रेंच का निर्माण पूरा किया जा चुका है। इनसे लगभग 40.08 लाख लीटर वर्षा जल का संचयन और भू-गर्भ में अवशोषण सुनिश्चित हुआ है। इससे आसपास के कुओं, बोरवेल और अन्य जल स्रोतों के जलस्तर में सुधार की संभावना बढ़ी है, जिससे भविष्य में पेयजल और सिंचाई के लिए लाभ मिलेगा।
जिले में रिज टू वैली वाटरशेड अवधारणा के तहत कुल 10 कार्यों में 5,124 कंटूर ट्रेंच का निर्माण कराया जा रहा है। इस तकनीक के जरिए ऊंचाई वाले क्षेत्रों से तेज गति से बहने वाले वर्षा जल को छोटे-छोटे ट्रेंचों में रोककर जमीन के भीतर पहुंचाया जाता है। इससे वर्षा जल का संरक्षण होने के साथ मिट्टी का कटाव रुकता है और खेतों में लंबे समय तक नमी बनी रहती है।
प्रशासन का मानना है कि कंटूर ट्रेंच निर्माण से भू-जल स्तर में सुधार होगा, गर्मी के मौसम में जल संकट कम होगा और किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध हो सकेगा। इसके अलावा जल स्रोतों के पुनर्जीवन, कृषि उत्पादन बढ़ाने, हरित आवरण को मजबूत करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में भी यह अभियान महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय

