गैस सिलेंडर संकट से जूझ रहे ग्रामीण, शहर में मिल रही आंशिक राहत

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गैस सिलेंडर संकट से जूझ रहे ग्रामीण, शहर में मिल रही आंशिक राहत


गैस सिलेंडर संकट से जूझ रहे ग्रामीण, शहर में मिल रही आंशिक राहत


धमतरी, 21 मार्च (हि.स.)। मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध का असर अब स्थानीय स्तर पर भी दिखने लगा है। गैस सिलेंडर की आपूर्ति प्रभावित होने से धमतरी जिले में खासकर ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जहां शहर में बुकिंग के बाद किसी तरह सप्लाई हो रही है, वहीं गांवों तक वितरण व्यवस्था चरमराने लगी है।

जानकारी के अनुसार युद्ध के चलते कच्चे तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, जिससे गैस आपूर्ति पर भी असर पड़ा है। शुरुआती दिनों की तुलना में स्थिति थोड़ी संभली जरूर है, लेकिन उपभोक्ताओं के मन में अब भी अनिश्चितता बनी हुई है। यही वजह है कि लोग 25 दिन पूरा होते ही तुरंत सिलेंडर बुक करा रहे हैं, जिससे मांग और दबाव दोनों बढ़ गए हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत ग्रामीण क्षेत्रों में देखने को मिल रही है। एजेंसियों की गाड़ियां कई गांवों तक नहीं पहुंच पा रही हैं, जिसके कारण ग्रामीणों को खुद ही अपने दोपहिया वाहनों में सिलेंडर लादकर एजेंसी तक आना पड़ रहा है। सुबह से ही लंबी कतारें लग जाती हैं और कई बार स्थिति तनावपूर्ण भी हो जाती है। कुछ मामलों में भीड़ नियंत्रित करने के लिए पुलिस की मदद लेनी पड़ रही है।

इंडेन गैस एजेंसी के संचालक मोहन अग्रवाल ने बताया कि हाल ही में स्टॉक खत्म हो गया था और नई खेप आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। उन्होंने कहा कि सोमवार को आने वाली गाड़ियों की संख्या के बाद ही आगे की आपूर्ति तय हो सकेगी। इधर, युद्ध शुरू होने के कुछ ही दिनों बाद कमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई भी बंद कर दी गई थी। अधिकांश कंपनियों के कमर्शियल सिलेंडर धमतरी में नहीं पहुंच रहे हैं। इसके बावजूद बाजार में कुछ व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में इन सिलेंडरों की उपलब्धता सवाल खड़े कर रही है।

कुल मिलाकर गैस संकट ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं, जबकि प्रशासन और आपूर्ति व्यवस्था पर भी दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा

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