धमतरी जिले के मौरी और बकली में बूंद-बूंद पानी को तरस रहे ग्रामीण
धमतरी, 29 मई (हि.स.)। एक ओर सरकार हर घर जल योजना के तहत घर-घर पेयजल पहुंचाने के बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं कुरुद ब्लाक के ग्राम मौरी और बकली में हालात पूरी तरह विपरीत नजर आ रहे हैं। भीषण गर्मी की शुरुआत के साथ ही दोनों गांवों में पेयजल संकट गहराता जा रहा है। नल-जल योजनाएं दम तोड़ चुकी हैं, हैंडपंप जवाब देने लगे हैं और ग्रामीणों को रोजाना पानी के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। आरोप है कि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की लापरवाही के कारण हालात दिन-ब-दिन बदतर होते जा रहे हैं।
ग्राम मौरी में आधी बस्ती इन दिनों गंभीर जल संकट की चपेट में है। ग्रामीण महिलाओं ने बताया कि रोज सुबह चार बजे उठकर पानी की तलाश में निकलना उनकी मजबूरी बन चुकी है। घंटों लाइन में खड़े रहने के बाद भी कई बार बर्तन खाली लौट जाते हैं। गांव में नल-जल योजना लंबे समय से बंद पड़ी है और अधिकांश हैंडपंपों से पर्याप्त पानी नहीं निकल रहा।
ग्रामीण प्रदीप ध्रुव, धुनीराम यादव, चुनू राम यादव, महिपाल यादव और पीतांबर यादव ने बताया कि कई बार विभाग को लिखित सूचना दी गई, लेकिन अब तक कोई अधिकारी गांव की स्थिति देखने तक नहीं पहुंचा। इसी तरह ग्राम बकली में भी हालात चिंताजनक बने हुए हैं। ग्रामीण शिव कुमार साहू, बाल गोविंद साहू, आनंद राम साहू, हीरा सिंह साहू, मनीराम निर्मलकर और माखन साहू ने बताया कि गांव में पानी की आपूर्ति भगवान भरोसे चल रही है। होली से पहले स्थिति इतनी खराब थी कि केवल 10 प्रतिशत घरों तक ही पानी पहुंच पा रहा था। नहर में पानी आने के बाद हालात में थोड़ा सुधार जरूर हुआ, लेकिन अब भी सिर्फ 25 प्रतिशत घरों तक ही पानी पहुंच रहा है, जबकि 75 प्रतिशत आबादी भीषण गर्मी में पानी के लिए परेशान है।
ग्रामीणों के अनुसार गांव में बनी पानी टंकी को सात वर्ष हो चुके हैं और बढ़ती आबादी के सामने इसकी क्षमता अब बेहद कम पड़ रही है। ग्रामीणों ने गांव में एक और नई पानी टंकी निर्माण की मांग उठाई है। साथ ही यह भी आरोप लगाया कि पीएचई विभाग को सूचना देने के बावजूद तकनीकी खराबियों को सुधारने मैकेनिक समय पर नहीं पहुंचते, जिससे छोटी समस्या भी लंबे समय तक बनी रहती है।
ग्रामीण प्रेमलाल साहू ने बताया कि गांव के सार्वजनिक शौचालयों में पानी नहीं होने से लोगों को तालाब से पानी ढोकर लाना पड़ रहा है। इससे गंदगी फैलने और बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। ग्रामीणों ने कलेक्टर और पीएचई विभाग से तत्काल टैंकरों की व्यवस्था करने, बंद पड़ी नल-जल योजनाओं की मरम्मत कराने और गांवों में स्थायी जल व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
एसडीओ राजवीर महोबिया ने कहा कि जहां-जहां से सूचना मिल रही है वहां तत्काल समस्या के समाधान का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए कंट्रोल रूम बनाया गया है तथा हैंडपंपों और तकनीकी खराबियों को सुधारने छह तकनीशियन लगातार मरम्मत एवं संधारण कार्य में लगे हुए हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा

