धर्मांतरित महिला के शव को गांव में दफनाने का ग्रामीणों ने किया विरोध, सुकमा में दफनाने पर बनी सहमति

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धर्मांतरित महिला के शव को गांव में दफनाने का ग्रामीणों ने किया विरोध, सुकमा में दफनाने पर बनी सहमति


सुकमा, 12 सितंबर (हि.स.)। जिले की कोर्रा पंचायत के धुरवारास गांव में ईसाई धर्म अपनाने वाले परिवार की 60 वर्षीय महिला सोढ़ी जोगी की मृत्यु के बाद अंतिम संस्कार को लेकर विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई। परिजन महिला के शव को गांव में अपनी खेती की जमीन पर दफनाना चाहते थे, लेकिन ग्रामीणों ने इसका विरोध किया। प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में बातचीत के बाद शव को सुकमा ले जाकर दफनाने पर सहमति बनी है।

पूर्व सरपंच भीमा कुंजाम ने रविवार काे बताया कि पुरखो से साथ में रह रहे है, कई बार ईसाई धर्म नहीं अपनाने की समझाइश दी गई लेकिन नहीं माने, इसलिए हम लोगों ने फैसला लिया कि हमारे गांव में देवी-देवता है, जो लोग उन्हें नहीं मानते उन्हें यहां दफनाने नहीं देंगे। हम लोगों के प्रशासन को सूचना दी जिसके बाद सुकमा में ले जाकर दफनाने पर शांतिपूर्ण सहमति बनी।

मृतक महिला के परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार सोढ़ी जोगी लंबे समय से बीमार थीं, और शुक्रवार दोपहर करीब 3 बजे उनकी मौत हो गई। परिवार चाहता था कि महिला को उसी जमीन पर दफनाया जाए, जहां वे खेती करते हैं, लेकिन धुरवारास गांव के ग्रामीणों ने इसका विरोध किया। उनका कहना था कि परिवार ने ईसाई धर्म अपना लिया है, इसलिए गांव में अंतिम संस्कार नहीं हो सकता।

धुरवारास गांव के ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। ग्रामीणों का कहना था कि गांव में अंतिम संस्कार की अनुमति नहीं दी जाएगी और शव को सुकमा ले जाया जाए। बात-चीत के बाद परिवार भी शव को सुकमा ले जाने के लिए तैयार हो गया। प्रशासन ने पूरे मामले में स्थिति को शांत बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया है। फिलहाल शव को सुकमा ले जाकर दफनाने की तैयारी की जा रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे

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